दुष्कर्म पीड़िता से अश्लीलता करने वाले इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी पर गिरी गाज, DGP के निर्देश पर FIR दर्ज
Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में खाकी को दागदार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। एक दुष्कर्म पीड़िता से न्याय के बदले अश्लील मांग करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों पर डीजीपी (DGP) के आदेश के बाद कड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में अपराध शाखा के निरीक्षक, उभांव थाना प्रभारी और आरोपी वन दरोगा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वायरल ऑडियो ने खोली पोल
यह पूरी घटना तब उजागर हुई जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई। इसमें अपराध शाखा के निरीक्षक नरेश मलिक एक 33 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता से मोबाइल पर बातचीत के दौरान अश्लील मर्यादाएं लांघते सुनाई दिए। पीड़िता का आरोप है कि मलिक ने चार्जशीट दाखिल करने के बदले उसे अकेले में मिलने के लिए मजबूर किया और अनुचित मांगें पूरी करने पर धन का प्रलोभन भी दिया।
#बलिया : इंस्पेक्टर की रेप पीड़िता से सेक्स की मांग!
➡चार्जशीट के बदले सेक्स करने की मांग की
➡इंस्पेक्टर नरेश मलिक का ऑडियो वायरल
➡ऑडियो वायरल होने पर SP की कार्रवाई
➡इंस्पेक्टर नरेश मलिक किए गए सस्पेंड
➡थानेदार संजय शुक्ला पर भी लगा आरोप
➡अब तक थानेदार संजय शुक्ला पर… pic.twitter.com/eGIBxOoSan
— NCR पत्रिका (@ncrpatrika) April 15, 2026
पीड़िता ने डीआईजी (DIG) को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि उसने 20 फरवरी को वन दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि जांच के दौरान उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला और निरीक्षक नरेश मलिक ने आरोपी दरोगा से हाथ मिला लिया। आरोपी को बचाने के लिए ये अधिकारी पीड़िता पर दबाव बना रहे थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
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DGP का एक्शन, निलंबन और मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निरीक्षक नरेश मलिक और SHO संजय शुक्ला को निलंबित कर दिया। बुधवार रात को दोनों पुलिस अधिकारियों और मुख्य आरोपी दरोगा उग्रसेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। मामले की विस्तृत जांच अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ला को सौंपी गई है। शासन ने कड़ा संदेश दिया है कि महिलाओं की गरिमा से समझौता करने वाले वर्दीधारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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