केरल की नई सरकार में 18 मंत्रियों पर आपराधिक मामले, दो पर 50 से अधिक केस

Kerala New Government

Newschuski Digital Desk: केरल की राजनीति में 18 मई 2026 को एक नया अध्याय शुरू हुआ, लेकिन इसके साथ ही बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि उनके साथ 20 सदस्यीय कैबिनेट ने भी पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की इस सरकार ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है, लेकिन शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

21 में से 18 मंत्री दागी, 90 फीसदी कैबिनेट पर आपराधिक मामले

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और केरल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सहित 21 मंत्रियों में से 18 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी नई कैबिनेट का 90 फीसदी हिस्सा ‘दागी’ है। इनमें कांग्रेस के कई प्रमुख नेता शामिल हैं। विपक्ष ने अब सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि जो पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘गुंडों की पार्टी’ कहती है, उसी की सरकार में इतने सारे आपराधिक मामलों वाले नेता कैसे शामिल हो गए?

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दो मंत्रियों पर 50 से अधिक केस, 68 और 49 मुकदमे

कैबिनेट में दो ऐसे चेहरे हैं जिन पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। ये हैं ओजे जनीश कुमार, जिन पर 68 मामले हैं, और बिंदु कृष्णा, जिनके खिलाफ 49 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आइए इन दोनों नेताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।

ओजे जनीश कुमार: 68 आपराधिक मामले

ओजे जनीश कुमार (37 वर्ष) कोडुंगल्लूर (थ्रिसूर) से विधायक हैं। उन्होंने बीबीए-एलएलबी (2019, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, त्रिशूर) की पढ़ाई की है। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और यूथ कांग्रेस के सक्रिय नेता रहे। वह पलियेकारा टोल प्लाजा आंदोलन जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं और हाल ही में केरल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे।

उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे के अनुसार कुल 68 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ज्यादातर मामले राजनीतिक प्रदर्शनों, अनधिकृत जमावड़े, दंगे, सार्वजनिक रास्ते में बाधा डालने और सरकारी आदेशों की अवहेलना से जुड़े हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धाराएं 143 (अवैध जमावड़ा), 147 (दंगा), 149 (सामान्य उद्देश्य), 283 (सार्वजनिक मार्ग में बाधा), 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना), 323 और 353 के तहत मामले दर्ज हैं। कई मामलों में जुर्माना लग चुका है और उन्हें 21 दिन की जेल भी हुई है। जनीश कुमार को युवा कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

बिंदु कृष्णा: 49 आपराधिक मामले

बिंदु कृष्णा (53 वर्ष) कोल्लम से विधायक हैं। उन्होंने एलएलएम (2000, लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम) की पढ़ाई की है। वह कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता और महात्मा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष हैं। कोल्लम जिले में लंबे समय से सक्रिय बिंदु कृष्णा महिला राजनीति और सड़क आंदोलनों में अपनी मजबूत उपस्थिति के लिए जानी जाती हैं।

उनके खिलाफ कुल 49 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से ज्यादातर लंबित हैं। उन पर आईपीसी की धाराएं 143, 147, 149, 283, 188, 332, 353 और 447 के तहत मामले दर्ज हैं। इनमें 32 मामले अवैध जमावड़े, 32 दंगे और 29 सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालने से जुड़े हैं। 2019 का एक मामला पोक्सो एक्ट से भी जुड़ा रहा है, जिसमें उन पर एक नाबालिग की पहचान उजागर करने का आरोप था। बिंदु कृष्णा को कैबिनेट में जगह मिलना कांग्रेस की ओर से महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का संकेत है।

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अन्य मंत्री भी नहीं हैं बेदाग

टी सिद्दीक (कल्पेट्टा से विधायक) के खिलाफ 39 मामले दर्ज हैं, जो ज्यादातर प्रदर्शन और दंगों से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के खिलाफ भी लगभग 18 मामले दर्ज हैं, खासकर अवैध जमावड़े और दंगों से संबंधित। एडीआर रिपोर्ट के अनुसार, कुल 18 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं।

विपक्ष ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि ये मामले राजनीतिक प्रदर्शनों और संघर्षों के दौरान दर्ज हुए हैं और इन्हें ‘आपराधिक’ श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। फिलहाल, नई सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही सियासी तापमान बढ़ गया है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में यह विवाद क्या रूप लेता है।

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