ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अशोक खरात को किया गिरफ्तार, दुष्कर्म के आरोप में पहले से जेल में बंद है भोंदू बाबा
Newschuski Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खुद को गॉडमैन बताने वाले अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा को 70 करोड़ रुपये के भारी भरकम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। खरात पहले से ही दुष्कर्म और धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में नासिक जेल में बंद है। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत से प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे पेश कर गिरफ्तारी की इजाजत मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि जांच एजेंसी को इस रैकेट से जुड़े बेहिसाब नकदी लेनदेन और लाभार्थियों का पता लगाना है। अदालत ने यह भी माना कि मनी लॉन्ड्रिंग अपराध में खरात की भूमिका की जांच डिटेल एजेंसी ने पेश की है और उसकी गिरफ्तारी पूरी तरह से जरूरी है।
बुधवार को पेशी, ईडी रिमांड की मांग करेगी
ईडी ने औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया। अब उसे बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए उसकी रिमांड मांगेगी। ईडी ने 6 अप्रैल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। यह मामला नासिक पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर बनाया गया, जिसमें खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग और कई महिलाओं के साथ नशीले पदार्थों के जरिए यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

दुष्कर्मऔर यौन शोषण के कई मामले पहले से दर्ज
अशोक खरात के खिलाफ दुष्कर्म और महिलाओं के यौन शोषण से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। उसे 18 मार्च को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया था कि खरात ने तीन वर्षों तक उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
बेनामी बैंक खातों के जरिए हुए 70 करोड़ रुपये के लेनदेन
ईडी का आरोप है कि खरात ने बड़े पैमाने पर उगाही का रैकेट चलाया और 70 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बेनामी बैंक खातों के जरिए इधर-उधर की। एजेंसी के अनुसार, उसने पीड़ित महिलाओं के दस्तावेजों का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना किया और अहिल्यानगर जिले की समता नगरी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी में एक ही दिन में 60 बैंक खाते खुलवाए। इन खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन किए गए।

उगाही के पैसों से खरीदीं चल-अचल संपत्तियां, विदेशों तक पहुंचे तार
जांच एजेंसी ने दावा किया कि अशोक खरात ने उगाही से जुटाई गई रकम से अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदीं। आरोप है कि वह इमली के बीज और शहद जैसी सामान्य चीजों को ‘आशीर्वाद प्राप्त’ बताकर लोगों को बेचता था और इस तरह धन इकट्ठा करता था। ईडी को शक है कि इस धन के लेनदेन के तार विदेशों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: MCU के अभिषेक पाण्डेय ने बनाया मोबाइल एप मास्टर प्रिंटपैक
SIT कर रही 12 मामलों की जांच
फिलहाल नासिक और अहिल्यानगर जिलों में दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच कर रहा है। ईडी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।
इसे भी पढ़ें: नीट छात्रा से 16 दिनों तक बंधक बनाकर दरिंदगी
