Basti News: घरेलू गैस संकट को लेकर सड़क पर उतरी महिला कांग्रेस, मुख्यमंत्री को भेजा 5 सूत्रीय ज्ञापन
Basti News: बस्ती जनपद में इन दिनों घरेलू गैस की भारी किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर सियासत गरमा गई है। सोमवार को महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गैस संकट के विरोध में सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और पदयात्रा निकाली।
प्रदर्शन के बाद, कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गैस संकट के तत्काल समाधान और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
कालाबाजारी जोरों पर, उपभोक्ता परेशान: लक्ष्मी यादव
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मी यादव ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनपद में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को आसानी से सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। सरकार चाहे जो भी दावे करे, जमीन पर हकीकत यह है कि गैस की कालाबाजारी जोरों पर है, जिस पर तत्काल अंकुश लगाया जाना चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
मोदी सरकार में फिर लाइन में लगा देश
इस अवसर पर मौजूद कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’, RTI विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र श्रीवास्तव और शास्त्री डी.एन. त्रिपाठी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी के बाद देश एक बार फिर घरेलू गैस के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होने को मजबूर है। गैस संकट इतना गहरा गया है कि कई घरों में भोजन का संकट पैदा हो गया है। लोग कई दिनों तक सिलेंडर पाने के लिए भटकते हैं और अंततः निराश होकर घर लौट जाते हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि इस युद्ध-जैसी स्थिति के बीच गैस संकट के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलत नीतियाँ जिम्मेदार हैं। उन्होंने मांग की कि गैस संकट को तत्काल प्रभाव से दूर कराया जाए।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें: मुख्यमंत्री को भेजे गए 5 सूत्रीय ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें शामिल हैं।
गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाकर उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना।
महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर कड़ाई से रोक लगाना।
ग्रामीण इलाकों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की सुचारू खरीद सुनिश्चित करना।
छुट्टा जानवरों से किसानों की फसल बर्बाद होने से रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था करना।
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घरेलू गैस संकट और कालाबाजारी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और कांग्रेस नेता शामिल रहे। इनमें शिमला, आरती, शीला, अनारा, गुड्डी, सुभार्जी, सुनीता, मंजू, शकुंतला, रोशनी, पूजा, कलावती, सरोज, ज्ञानमती, सरिता, सरोज, गायत्री, ममता, अनीता, फूलादेवी, शारदा, सुशीला, साधना, इन्दू, कुशलावती, यशोदा, संगीता, रजली, रंगीला, गीता, प्रीती, विन्दू, हशीमुन्निशा, शबनम, मदीना, शान्ती, रीना, सुनीता, अनीता, कविता, शबीहा, दीप शिखा के साथ-साथ हरिओम, लालजी पहलवान, शौकत अली, आशुतोष पाण्डेय, दिलीप श्रीवास्तव, गंगा मिश्रा, विश्वजीत, भूमिधर, हाजी वहाब, सुनील कुमार, अनित भारती, चन्द्रशेखर और कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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