Bareilly News: तीन तलाक और हलाला का खौफ, ज्योति बनकर जमीला खातून ने रविदास से रचाया विवाह
Bareilly News: बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में झारखंड के बोकारो की रहने वाली जमीला खातून ने अपने अतीत को पीछे छोड़ते हुए सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है। वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ आश्रम के मंदिर में उनका शुद्धिकरण कराया गया, जिसके बाद उनका नया नाम ज्योति देवी रखा गया। धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उन्होंने हजारीबाग के रहने वाले अपने परिचित रविदास के साथ सात फेरे ले लिए। इस विवाह का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
ज्योति देवी (पूर्व में जमीला खातून) का कहना है कि उनका निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ हुआ था, लेकिन शादी के बाद से ही उनके पूर्व पति ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट और दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। जब उन्होंने इस अन्याय और घरेलू हिंसा का विरोध किया, तो पति ने उन्हें एक झटके में तीन तलाक देकर बेघर कर दिया। इतना ही नहीं, जब उन्होंने अपने ससुराल लौटने का प्रयास किया, तो उन पर जबरन हलाला का दबाव बनाया जाने लगा।
एक नाम बदला, एक नई जिंदगी की शुरुआत!#बरेली में झारखंड की जमीला खातून ने ज्योति देवी के नाम से हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया
जमीला का आरोप—पति ने मारपीट के बाद तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया
महिला ने ससुराल लौटने के लिए हलाला का दबाव बनाए जाने का भी दावा किया
बाद में… pic.twitter.com/287vKvr4aI
— निशान्त शर्मा (भारद्वाज) (@Nishantjournali) August 19, 2026
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पति की इस लगातार प्रताड़ना और हलाला के अनैतिक दबाव के कारण जमीला मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं। परिस्थितियां इतनी ज्यादा विकट हो गई थीं कि उन्हें इस घुटन भरे माहौल से निकलने के लिए आत्महत्या के सिवा कोई दूसरा रास्ता नजर नहीं आ रहा था। इसी बेहद कठिन और निराशाजनक दौर में उनकी मुलाकात हजारीबाग निवासी अपने परिचित रविदास से हुई। जमीला ने अपनी आपबीती और दर्द रविदास के साथ साझा किया, जिसके बाद रविदास ने आगे बढ़कर उनकी निस्वार्थ मदद की।
'जमीला' से 'ज्योति' बनीं मुस्लिम महिला, बोली- 'बुर्के में घुटन होती थी, सनातन में देवी स्वरूप मिलता है सम्मान', #ViralVideo के मुताबिक, झारखंड की जमीला ने सनातन धर्म अपना लिया है। शुद्धिकरण के बाद जमीला अब 'ज्योति' बनकर प्रकाश रविदास संग सात फेरे ले चुकी हैं। pic.twitter.com/o7dibNj3UO
— Vijay Prakash Ray 'विजय' (@vijayprakash515) August 18, 2026
मुश्किल समय में मिले इस साथ से दोनों के बीच दूरियां मिटीं और उन्होंने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। इसके बाद वे दोनों बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे, जहां जमीला ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाया। विवाह संपन्न होने के बाद ज्योति देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवान शंकर में उनकी अटूट आस्था है। उन्होंने यह कदम किसी के दबाव या बहकावे में आकर नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से और समाज में सम्मान व सुरक्षा के साथ जीने के लिए उठाया है।
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