अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी कांड: अविनाश शुक्ला के घर से मिले 20 लाख कैश और डॉलर, SIT ने चंपत राय समेत बड़े ट्रस्टियों से की 8 घंटे पूछताछ

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और दान में हुई चोरी का मामला अब बेहद गरमा गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीमें अब एक्शन मोड में हैं। मामले के मुख्य आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला के पैतृक आवास प्रतापगढ़ में छापेमारी के बाद अयोध्या पुलिस अब उसे लेकर वापस रवाना हो चुकी है।

अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर नरियावा गांव का रहने वाला है। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे पुलिस की टीम उसके घर पहुंची थी और करीब एक घंटे तक उसके माता-पिता से सघन पूछताछ कर सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया पूरी की।

अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी

इस पूरे घोटाले में अभी तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली रिकवरी आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से ही हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से जो संपत्ति बरामद की है, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं।

नकद बरामदगी: 20 लाख 39 हजार रुपये कैश।

विदेशी मुद्रा: 1,121 अमेरिकी डॉलर।

ज्वेलरी: 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के जेवरात।

वाहन: एक ब्रेजा कार (जिसके संबंध में पुलिस आगे की कड़ाई से पूछताछ कर रही है)।

योग केंद्र में चल रहा था फर्जी दानपात्र का खेल

पुलिस ने अयोध्या के कौशल्यापुरी मोहल्ले में स्थित एक योग केंद्र पर छापा मारकर रामराज्य कोष नाम का एक फर्जी दानपात्र (डोनेशन बॉक्स) बरामद किया है। इस दानपात्र पर बाकायदा पेटीएम (Paytm) का क्यूआर कोड लगा हुआ था, जिसके जरिए डिजिटल चंदा सीधे आरोपियों के खातों में ट्रांसफर हो रहा था। आरोपी अविनाश शुक्ला पिछले 10 साल से इसी योग केंद्र में रह रहा था।

आरोपियों ने महीनों से नहीं निकाली अपनी सैलरी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन खंगालने पर एसआईटी के हाथ कई अहम सुराग और व्हाट्सएप चैट्स लगे हैं। इन चैट्स में चोरी की गई रकम के बंटवारे (शेयरिंग) को लेकर साफ-साफ बातें की गई हैं।

इसके अलावा एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है कि कई आरोपियों ने पिछले कई महीनों से बैंक से अपनी आधिकारिक सैलरी (वेतन) तक नहीं निकाली है। सैलरी न निकालना इस बात का पुख्ता और सीधा इशारा है कि ये आरोपी अपने रोजाना के ऐश-ओ-आराम और खर्चे सिर्फ और सिर्फ चोरी की गई दान राशि से ही चला रहे थे।

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IPS किरण एस की मौजूदगी में 8 घंटे चली SIT की रेड

इस महाघोटाले की परतें खोलने के लिए गठित एसआईटी (SIT) ने अब अपना शिकंजा बेहद मजबूत कर लिया है। आईपीएस (IPS) किरण एस की अगुवाई में एसआईटी की टीम ने अयोध्या मंदिर परिसर में लगातार 8 घंटे तक मैराथन जांच की। यह हाई-लेवल जांच दोपहर 1:40 बजे से शुरू होकर रात 8:30 बजे तक जारी रही।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी गहन पूछताछ की है। हालांकि, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस पूछताछ की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन जिस तरह से नए-नए दस्तावेज पुलिस के हाथ लग रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच का दायरा और भी कई बड़े नामों तक बढ़ सकता है।

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