यूपी चुनाव से पहले सपा को तगड़ा झटका, तीन बागी विधायक राकेश सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी बीजेपी में शामिल

SP Rebel MLAs Join BJP

SP Rebel MLAs Join BJP: उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायकों राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने बुधवार को अमेठी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया। ये तीनों विधायक अवध और बुंदेलखंड क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्होंने बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की उपस्थिति में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कौन हैं बीजेपी में शामिल होने वाले ये तीन विधायक

राकेश प्रताप सिंह: अमेठी जिले की गौरीगंज सीट से लगातार 15 वर्षों से सपा विधायक रहे हैं। उन्होंने 2012, 2017 और 2022 के चुनावों में लगातार जीत हासिल की (2022 में उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को 6,963 मतों से पराजित किया था)।

अभय सिंह: अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट से दो बार (2012 और 2022) विधायक चुने जा चुके हैं।

विनोद चतुर्वेदी: जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से दो बार (2007 और 2022) चुनाव जीत चुके हैं।

सपा छोड़ने की बताई वजह

बीजेपी में शामिल होने के बाद गोसाईगंज से विधायक अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और राष्ट्र का विरोध करेंगे, वे उनके खिलाफ खड़े रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचरितमानस को जलाने और फाड़े जाने जैसी घटनाओं पर पार्टी नेतृत्व ने चुप्पी साधे रखी और दर्शन से रोका गया, जो अनुचित था। चुनाव से ठीक पहले शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की सोच के कारण ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया।

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उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान इन विधायकों द्वारा बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने की खबरें आई थीं, जिसके बाद से ही सपा नेतृत्व के साथ इनकी दूरियां बढ़ गई थीं। कानूनी तौर पर राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह को विधानसभा में ‘असंबद्ध’ (unattached) विधायकों की सूची में रखा गया था, जिससे उनकी सदस्यता बरकरार रहते हुए भी वे पार्टी प्रतिनिधित्व से अलग थे।

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