मायावती की भतीजी दीपिका के हाथों में BSP की कमान, भतीजों की पार्टी में नो-एंट्री

BSP Successor

BSP Successor: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के भीतर चल रहा आंतरिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी प्रमुख मायावती ने पहले अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद पर भरोसा जताते हुए उन्हें राजनीतिक उत्तराधिकारी तक घोषित कर दिया था। लेकिन पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बार आकाश आनंद को पदों से हटाया और दूसरी बार पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया।

इसके बाद दूसरे भतीजे ईशान आनंद को राजनीति में एंट्री देकर उन्हें पार्टी में नॉर्थ इंडिया का प्रभारी बनाया गया था। अब मायावती ने उत्तराधिकार के मसले पर बड़ा स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि भाई आनंद कुमार के बेटों में किसी को भी अब बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। इसके बजाय उन्होंने आनंद कुमार की इकलौती बेटी दीपिका आनंद के नाम का प्रस्ताव राजनीतिक मदद के लिए सामने रखा है।

कौन हैं दीपिका आनंद

कुमारी दीपिका आनंद बसपा प्रमुख मायावती की भतीजी और उनके छोटे भाई आनंद कुमार की इकलौती बेटी हैं। आनंद कुमार बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और पार्टी के सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाते हैं। वह पर्दे के पीछे से काम करने वाले नेता के तौर पर हमेशा मायावती के साथ रहे हैं। अब तक दीपिका आनंद को लेकर किसी तरह की चर्चा सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई थी। अचानक मायावती ने आनंद कुमार के सामने उनकी मदद के लिए दीपिका के नाम का प्रस्ताव रख दिया है। फिलहाल दीपिका वकालत की पढ़ाई कर रही हैं और उनका नाम अब पहली बार मीडिया में चर्चा का विषय बना है।

अविवाहित होने के कारण भाई को पास रखने की मजबूरी

मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार की मदद लेने का कारण भी स्पष्ट किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि अविवाहित होने के कारण उन्हें मजबूरी में अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को अपने पास रखने की आवश्यकता पड़ी। आखिरकार उन्होंने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को अपने साथ रखा। मायावती ने कहा कि आनंद उनकी देखभाल करने के साथ-साथ उनकी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम जिम्मेदारियों को भी लंबे समय से निभा रहे हैं। लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के अन्य लोग भी उठाएं, यह पार्टी और मूवमेंट के हित में सही नहीं होगा।

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अब किसी भतीजे को नहीं मिलेगा मौका

मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि आज उनका अंतिम फैसला और प्रतिज्ञा है कि अब उनकी देखरेख के एवज में आनंद कुमार के किसी भी बेटे को BSP में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आगे चलकर उनके साथ रहते हुए आनंद कुमार को मदद के लिए किसी और सदस्य की जरूरत पड़ती है तो वर्तमान राजनीतिक हालात में वह केवल अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। मायावती ने यह भी कहा कि दीपिका की ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखकर पार्टी में उसे जरूरत के अनुसार जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आनंद कुमार अपने दोनों बेटों और आगे चलकर उनके युवा बच्चों में से किसी को भी यह जिम्मेदारी नहीं सौंपेंगे।

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