कोर्ट से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह के बदले सुर, सपा में जाने की अटकलों पर बीजेपी बोली- सभी एकजुट
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर देश के सियासी पारे को गरमा चुके हैं। महिला पहलवानों से जुड़े बहुचर्चित यौन शोषण मामले में दिल्ली की अदालत से क्लीन चिट मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का दिया एक बयान अब राजनीतिक गलियारों में जोर-शोर से चर्चा में आ गया है। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या बृजभूषण शरण सिंह की राहें अब भाजपा से अलग होकर समाजवादी पार्टी (SP) की तरफ मुड़ने जा रही हैं? इन कयासों और राजनीतिक हलचलों के बीच अब भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आधिकारिक और अहम प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।
बीजेपी अनुशासित पार्टी है, नेतृत्व के साथ सभी एकजुट: राकेश त्रिपाठी
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सपा में जाने की तेज होती अटकलों और उनके हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक पूर्णतः अनुशासित पार्टी है और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व के निर्णयों तथा नीतियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने पूर्व सांसद के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि बृजभूषण शरण सिंह अतीत में समाजवादी पार्टी का भी हिस्सा रह चुके हैं और उससे पहले भी वे भाजपा में ही थे, जबकि मौजूदा समय में भी वे भारतीय जनता पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि बृजभूषण शरण सिंह का परिवार पूरी तरह भाजपा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उनके दोनों बेटे राजनीति में स्थापित हैं, जिनमें से एक भारतीय जनता पार्टी का विधायक है तो दूसरा भाजपा का ही सांसद है। राकेश त्रिपाठी ने बृजभूषण शरण सिंह की कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि वे एक बेहद मुखर और दबंग नेता हैं, जो लोकतांत्रिक दायरे में रहते हुए अपनी बात खुलकर रखते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्व सांसद के बयानों पर समाजवादी पार्टी क्या प्रतिक्रिया दे रही है, यह पूरी तरह से सपा का अंदरूनी मामला है, जिससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।
बृजभूषण शरण सिंह का वो बयान, जिसने सपा-बीजेपी में मचा दिया सियासी घमासान
दरअसल, यौन उत्पीड़न के आरोपों से अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद मीडिया को दिए एक विशेष इंटरव्यू में बृजभूषण शरण सिंह से जब उनके खिलाफ हुए आंदोलनों और राजनीतिक घेराबंदी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने एक चौंकाने वाला बयान दिया था। बृजभूषण ने कहा कि जब उनके खिलाफ महिला पहलवानों का मुद्दा गरमाया हुआ था और राजनीतिक रूप से उन्हें चारों तरफ से घेरने की कोशिश की जा रही थी, तब देश के कई विपक्षी दल उनके विरोध में उतर आए थे। लेकिन उस कठिन समय में भी कुछ विपक्षी पार्टियां उनके विरोध में खुलकर खड़ी नहीं हुईं।
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बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) और बिहार में लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ऐसे दल थे, जिन्होंने इस पूरे विवाद के दौरान उनके खिलाफ कोई उग्र या आक्रामक रुख नहीं अपनाया। पूर्व सांसद का यह बयान आते ही उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव के बीच अंदरूनी नजदीकियां बढ़ रही हैं? समाजवादी पार्टी के नेताओं की तरफ से भी इस बयान के बाद आई सहयोगात्मक प्रतिक्रियाओं ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक कयासों के बाजार को और गरमा दिया है।
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