मुस्लिम महिलाओं ने हरिद्वार से उठाई कांवड़, सनातन अपनाकर की घर वापसी

Tamanna Malik

Muzaffarnagar News: सावन के पवित्र महीने में मुजफ्फरनगर से होकर गुजर रही कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार दोपहर एक बेहद अनोखा नजारा देखने को मिला। हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ ला रहीं दो मुस्लिम महिलाओं तमन्ना मलिक और अनीशा के मुजफ्फरनगर पहुंचते ही लोगों का हुजूम जमा हो गया। बुर्का पहने कांवड़ ला रहीं इन महिलाओं की आस्था देख हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने फूल-माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया।

तमन्ना मलिक ने सुनाई घर वापसी की वजह

गाजियाबाद की रहने वाली तमन्ना मलिक ने बताया कि उन्होंने सनातन धर्म अपना लिया है और यह उनकी स्वेच्छा से की गई घर वापसी है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में नारी को सम्मान और देवी का स्थान दिया जाता है। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह यात्रा शुरू की है और अन्य महिलाओं से भी भारतीय संस्कृति व सनातन मूल्यों को समझने की अपील की।

पहले भी कर चुकी हैं कांवड़ यात्रा

तमन्ना ने बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा नहीं है, इससे पहले भी वे महाशिवरात्रि के मौके पर फरवरी में कांवड़ उठा चुकी हैं। संभल की रहने वाली तमन्ना ने अमन त्यागी से विवाह किया है, जिसे उनके ससुराल और पति का पूरा समर्थन हासिल है। धर्म परिवर्तन या यात्रा को लेकर किसी भी कट्टरपंथी विरोध के सवाल पर उन्होंने निडर होकर कहा कि सत्य और आस्था के मार्ग पर चलने वाले सनातनी किसी से नहीं डरते।

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लाखों की संख्या में गुजर रहे शिवभक्तों के बीच तमन्ना और अनीशा की यह कांवड़ यात्रा पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी रही। कांवड़ मार्ग पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने भी जयकारों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। स्थानीय लोगों का मानना है कि आस्था का यह रूप सामाजिक सौहार्द और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक अनूठा उदाहरण है।

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