बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने से बदलेगी यूपी विधानसभा चुनाव की हवा

Brij Bhushan Sharan Singh

Brij Bhushan UP Assembly Elections Impact: यूपी के राजनीति में रसूख रखने चेहरों में एक नाम पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का है। पिछले कुछ दिनों बीजेपी से उन्हें अपने पाले में लाने के लिए सपा पूरी कोशिश कर रही है। वहीं महिला पहलवानों के यौन शोषण में कोर्ट से बरी किए जाने के बाद यूपी की सियासत पर असर पड़ना तय है। लगभग तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल जगत और मीडिया की सुर्खियों में रहे पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से एक बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है। महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के बहुचर्चित मामले में अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी (Acquit) कर दिया है।

अदालत के इस फैसले ने न केवल सालों से चले आ रहे इस कानूनी विवाद का अंत किया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति विशेषकर आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देवीपाटन और अवध क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों की नई चर्चा छेड़ दी है।

32 गवाहों की गवाही और कानूनी लड़ाई

अदालत द्वारा बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के पीछे मुख्य रूप से साक्ष्यों की कमी और बयानों में विरोधाभास को कारण माना जा रहा है। बचाव पक्ष (डिफेंस) के वकीलों ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ताओं के बयानों में समय, स्थान और घटनाओं की तिथियों को लेकर लगातार बदलाव देखे गए। इसके अतिरिक्त, घटना की कथित तिथियों के दिन आरोपी घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।

शिकायत दर्ज कराने में 7 से 8 वर्षों की लंबी देरी का मुद्दा भी अदालत में उठाया गया। हालांकि, शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने तर्क दिया था कि खेल संघ के शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति के प्रभाव और शक्ति के असंतुलन के कारण देरी स्वाभाविक थी, परंतु साक्ष्यों की कसौटी पर अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया। मई 2025 में अदालत ने नाबालिग शिकायतकर्ता और उसके पिता द्वारा आरोप वापस लेने के बाद दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए पॉक्सो मामले को समाप्त कर दिया था।

बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर कोई आरोप सिद्ध होता है तो मैं फांसी लगा लूंगा। आज का दिन मेरे लिए बेहद खुशी का दिन है। वहीं, अभियोजन पक्ष/सरकारी वकीलों का कहना है कि विस्तृत आदेश का अध्ययन करने के बाद आवश्यकता पड़ने पर ऊपरी अदालत में अपील पर विचार किया जाएगा।

Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted

अवध और देवीपाटन मंडल में भाजपा को मजबूती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले के बाद आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अवध और देवीपाटन क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है। गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और आसपास के जिलों में बृजभूषण शरण सिंह का अपना एक व्यापक सामाजिक और शैक्षणिक नेटवर्क है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में एक नया उत्साह देखा जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: बृजभूषण सिंह के बरी होने पर बोलीं विनेश फोगाट, ऊपरी अदालत में करेंगे अपील

भाजपा की छवि को राहत: 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने इस मुद्दे पर भाजपा को ‘महिला विरोधी’ बताकर चौतरफा घेरा था, जिसके बाद भाजपा को कैसरगंज से बृजभूषण के बेटे करण भूषण सिंह को मैदान में उतारना पड़ा था। अब कोर्ट से पूरी तरह बरी होने के बाद पार्टी इस मुद्दे पर विपक्ष के दावों को झूठा करार दे सकेगी।

अदालत से मिली राहत के बाद भाजपा नेतृत्व के सामने संगठन और टिकट बंटवारे को लेकर कुछ नई चुनौतियां भी उभर सकती हैं। अवध क्षेत्र में बृजभूषण शरण सिंह के बढ़ते प्रभाव के चलते आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन और टिकट वितरण में उनकी राय और पसंद को अनदेखा करना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा। हाल ही में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपने विधायक पुत्र प्रतीक भूषण सिंह को मंत्री न बनाए जाने पर असंतोष जताया था। अब कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद भविष्य में सरकार या संगठन में उनके परिवार की राजनीतिक भूमिका और मजबूत होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

इसे भी पढ़ें: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...