बाबरी ढांचे की जगह राममंदिर देखकर सपा व कांग्रेस को पीड़ा: सीएम योगी
CM Yogi Adityanath Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। सीएम योगी ने राम मंदिर और वक्फ संपत्ति विवाद के मुद्दों पर विपक्ष को कड़ा आईना दिखाया। उन्होंने दो-टूक शब्दों में सवाल किया कि जो लोग हिंदू आस्था पर प्रहार करने का कोई मौका नहीं छोड़ते, वक्फ के नाम पर हो रही हेरा-फेरी पर उनके मुंह पर फेविकोल क्यों चिपक जाता है? सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस की असली पीड़ा यह है कि वे जहां गुलामी का बाबरी ढांचा देखना चाहते थे, आज वहां प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर मुस्कुरा रहा है। विपक्ष को गिरगिट से भी तेज रंग बदलने वाली प्रजाति करार देते हुए उन्होंने उनके दोहरे चरित्र पर तीखा प्रहार किया।
प्रतापगढ़ को मिली 384 करोड़ की सौगात
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान से प्रतापगढ़ और विश्वनाथ गंज विधानसभा क्षेत्रों के लिए 384 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को नमन करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, संतों और साहित्यकारों को याद किया। सीएम ने कहा कि प्रतापगढ़ का आंवला आज वैश्विक स्तर पर अपनी औषधीय मिठास बिखेर रहा है, जो यहां के किसानों और बागवानों के पुरुषार्थ का परिणाम है। यह जिला कृषि आधारित स्वावलंबन का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।
युवाओं के रोजगार से खत्म होगा जातिवाद
विपक्ष की राजनीतिक चालों पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने जनता को आगाह किया कि चुनाव आते ही सपा और कांग्रेस एक बार फिर समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की साजिशों में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। आज जब यूपी भयमुक्त माहौल में तरक्की कर रहा है, युवाओं को रोजगार मिल रहा है, और धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार हो रहा है, तो यह सब विपक्ष को हजम नहीं हो रहा है। सीएम ने साफ कहा कि जब राज्य के नौजवान योग्यता के बल पर काम पाएंगे, तो जातिवाद की घटिया राजनीति अपने आप समाप्त हो जाएगी।

बाबरी का समर्थन करने वालों को अयोध्या की आस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं
सनातनी परंपराओं पर हो रहे प्रहारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में कभी बाबरी ढांचे के लिए आंसू बहाने वाले आज अचानक हिंदुओं की आस्था के पैरोकार बन रहे हैं। उन्होंने पूछा, आखिर अयोध्या पर इन लोगों की आस्था कब से जाग गई? राम मंदिर के निर्माण और वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिन रामभक्तों के पूर्वजों ने पीढ़ियों तक अयोध्या के लिए संघर्ष किया है, उन्हें बोलने का हक है। राम के अस्तित्व को काल्पनिक बताने वाली कांग्रेस और निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलवाने वाली सपा को अयोध्या के विषय में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
हिंदू विरासत का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री पर उड़ाने वालों का दौर अब खत्म
सपा शासनकाल की प्राथमिकताओं पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले की सरकारें हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास का पैसा रोककर उसे कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवॉल बनाने पर लुटा देती थीं। उन्होंने गर्व से कहा कि आज की नव्य अयोध्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिव्य विजन के अनुरूप त्रेतायुग की भव्यता का अहसास करा रही है। अयोध्या में फोरलेन सड़कें, आधुनिक रेलवे स्टेशन, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, निषादराज रैनबसेरा और मां शबरी भोजनालय जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं सिर्फ भाजपा की सरकार ही दे सकती थी। यही कारण है कि विपक्ष के तमाम दुष्प्रचार के बाद भी लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन अयोध्या आ रहे हैं।
वक्फ के नाम पर जमीनों की हेरा-फेरी पर चुप क्यों है सपा-कांग्रेस का तंत्र
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा हिंदुओं को अपमानित करने के नैरेटिव पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या ट्रस्ट की मांग पर सरकार ने तत्काल एसआईटी (SIT) का गठन किया, जिसने दूध का दूध और पानी का पानी कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन दूसरी तरफ, पूरे प्रदेश और देश में वक्फ के नाम पर गरीबों, पिछड़ों और कमजोर वर्ग की हजारों हेक्टेयर जमीनें अवैध रूप से बेच दी गईं या उन पर कब्जा कर लिया गया। इन जमीनों पर गरीबों के लिए घर या व्यावसायिक संस्थान बन सकते थे, लेकिन वक्फ के नाम पर चंद रसूखदारों ने जो बड़ी हेरा-फेरी की, उस पर कांग्रेस और सपा के नेता मौन साधे हुए हैं।

दंगे कराने वालों से हर नागरिक को पूछना चाहिए सवाल
सपा-कांग्रेस से तीखे सवाल करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ये लोग गो-माता की तस्करी करवाते थे, अवैध बूचड़खानों को संरक्षण देते थे, कांवड़ यात्रा और दुर्गा पूजा पंडालों पर पाबंदियां लगाते थे और त्योहारों से ठीक पहले दंगे भड़काते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी? उन्होंने जनसमूह से अपील की कि प्रदेश के हर जागरूक नागरिक को इन छद्म धर्मनिरपेक्ष लोगों से यह सवाल जरूर पूछना चाहिए।
सैफई घराने के नौकरी नीलामी तंत्र का अंत
रोजगार के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकार को घेरते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले सैफई कुनबा यूपी के होनहार युवाओं की नौकरियों पर डकैती डालता था और पदों की सरेआम नीलामी की जाती थी, जिससे योग्य बच्चे पलायन के लिए मजबूर थे और राज्य बीमारू बन गया था। हमारी एनडीए सरकार ने काम करने की शैली को बदला है। आज बिना किसी सिफारिश के प्रतापगढ़ के सैकड़ों युवाओं को 60,244 पुलिस भर्ती समेत यूपीपीएससी और अन्य चयन आयोगों की परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां मिल रही हैं।
पिछड़ेपन से मुक्त हुआ प्रतापगढ़
9-10 साल पहले के प्रतापगढ़ की स्थिति की तुलना करते हुए सीएम ने कहा कि पहले यह जिला बुनियादी सुविधाओं और सड़कों के अभाव में बेहद पिछड़ा माना जाता था। सपा सरकार ने राज्य को वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया की सौगात दी थी, जबकि हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के तहत यहाँ डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज दिया। अब बेटियां यहीं नर्सिंग कॉलेज में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए प्रतापगढ़ की दूरी प्रयागराज और पश्चिमी यूपी से बेहद कम हो गई है और मां बेल्हा देवी व मां चंद्रिका देवी धाम का कायाकल्प किया जा रहा है।
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सबका साथ-सबका विकास
डबल इंजन सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव या वोटबैंक की राजनीति के सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुफ्त सिंचाई, फसल बीमा योजना के साथ-साथ युवाओं को बिना ब्याज व बिना गारंटी के 5 लाख रुपये तक का लोन मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए दिया जा रहा है। इसके अलावा, बेसिक स्कूलों को ऑपरेशन कायाकल्प से स्मार्ट बनाया गया है। अंत में उन्होंने घोषणा की कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के साथ ही सरकार अब संविदाकर्मियों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को भी धरातल पर उतारने जा रही है।
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