श्रीलंका की जेल में खूनी गैंगवार, 5 गार्ड्स सहित 25 की मौत, सेना ने संभाली कमान

Sri Lanka Prison Riot

Sri Lanka Prison Riot: श्रीलंका के नेगोम्बो (Negombo) शहर से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर आ रही है। राजधानी कोलंबो से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित एक जेल में कैदियों के दो गुटों और जेल प्रशासन के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई है। दो दिनों से जारी इस खूनी संघर्ष में अब तक कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 5 जेल सुरक्षाकर्मी (गार्ड्स) और 20 कैदी शामिल हैं।

यह पिछले 6 वर्षों में श्रीलंका की किसी जेल में हुआ सबसे भीषण और घातक दंगा बताया जा रहा है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ-साथ सेना और वायुसेना को भी तैनात करना पड़ा है।

जेल के अंदर ड्रग्स सिंडिकेट और बंदूकों का तांडव

मीडिया रिपोर्ट्स और शुरुआती जांच के अनुसार, यह पूरी हिंसा जेल के भीतर सक्रिय ड्रग्स तस्करी से जुड़े दो विरोधी गुटों (ड्रग्स गैंग्स) के बीच शुरू हुई। रविवार से ही कैदियों के बीच विवाद भड़क उठा था, जिसने सोमवार सुबह बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।

दंगाइयों ने जेल प्रशासन पर हमला बोल दिया और सुरक्षाकर्मियों से उनके हथियार और बंदूकें छीन लीं। इसके बाद जब कैदियों ने जेल का मुख्य गेट तोड़कर भागने (Mass Breakout) की कोशिश की, तो पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए मजबूरन ओपन फायर यानी गोलियां चलानी पड़ीं।

वायुसेना का हेलीकॉप्टर और सेना तैनात

तनाव इस कदर बढ़ गया कि आसमान से स्थिति पर नजर रखने के लिए श्रीलंका वायुसेना के ‘बेल हेलीकॉप्टर’ और ड्रोन्स की मदद ली गई। जेल के भीतर लगातार गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे परिसर के बाहर जमा कैदियों के परिजनों में भारी आक्रोश और अफरा-तफरी का माहौल है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में दंगा रोधी बल तैनात है।

अस्पताल में मची चीख-पुकार, कई कैदियों को लगी गोली

सभी घायलों और शवों को कोलंबो के उत्तर में स्थित नेगोम्बो सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल की डायरेक्टर पुष्पा गामलाथ ने एएफपी (AFP) को बताया, अस्पताल में अब तक 25 शव लाए जा चुके हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल कैदियों और गार्ड्स को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। कई लोगों के शरीर पर गोलियों के निशान हैं, तो कई कैदी धारदार हथियारों से कटने और गंभीर चोटों के कारण तड़प रहे हैं। प्रशासनिक पाबंदियों और सुरक्षा कारणों के चलते अस्पताल प्रबंधन घायलों की सटीक मेडिकल कंडीशन की विस्तृत जानकारी देने से बच रहा है।

जेल में क्षमता से 4 गुना ज्यादा कैदी

इस खूनी दंगे ने श्रीलंका के जेल सिस्टम की बदहाली को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, श्रीलंका की जेलें बेहद ओवरक्राउडेड (ठसाठस भरी) हैं। पूरे देश में जेलों की कुल क्षमता महज 10,000 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में इनमें 39,000 से ज्यादा कैदी ठूंस-ठूंस कर बंद किए गए हैं। अकेले नेगोम्बो जेल में क्षमता से कहीं अधिक 2,417 कैदी बंद हैं, जिसके कारण ऐसी हिंसक घटनाएं और डेंगू जैसी बीमारियां पैर पसार रही हैं।

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हाई-लेवल जांच के आदेश, कैदियों का ट्रांसफर शुरू

इस महा-दंगे के बाद श्रीलंका के न्याय मंत्री (Justice Minister) हर्षना नानयाक्कारा ने पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। जेल महानिदेशक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो इस बात की जांच करेगा कि कैदियों के पास हथियार कैसे पहुंचे। इसके साथ ही, नेगोम्बो जेल से उपद्रवी कैदियों को तुरंत पल्लनसेना जेल कैंप और अन्य जेलों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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