पाकिस्तान में 2 विदेशी महिलाओं का अपहरण कर गैंगरेप, सीनियर नेता का रिश्तेदार समेत 4 गिरफ्तार

Foreigners Attacked in Lahore

लाहौर: पड़ोसी देश पाकिस्तान के लाहौर से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ दो विदेशी महिलाओं, जिनमें एक नीदरलैंड और दूसरी वेनेजुएला की नागरिक हैं, का अपहरण कर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लाहौर पुलिस ने एक वरिष्ठ पाकिस्तानी नेता के रिश्तेदार सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को लाहौर की एक स्थानीय अदालत ने पकड़े गए चारों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

बंधक बनाकर मांगी फिरौती

यह खौफनाक वारदात बीती 29 जून को लाहौर में अंजाम दी गई। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने दोनों विदेशी महिलाओं को बंधक बना लिया था और उनके साथ गैंगरेप करने के बाद उन्हें छोड़ने के बदले मोटी फिरौती (Ransom) की मांग कर रहे थे।

ऐसे बची पीड़ितों की जान

जब महिलाएं बंधक थीं, तब उनमें से एक पीड़िता के पिता ने स्पेन से पाकिस्तान पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी। विदेशी कॉल पर हरकत में आते ही लाहौर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की और दोनों महिलाओं को आरोपियों के चंगुल से सकुशल छुड़ाया। इसके बाद गुरुवार को पांच संदिग्धों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता (PPC) की धारा 365A (अपहरण) और 375A (गैंगरेप) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मुख्य संदिग्ध का क्या है राजनीतिक कनेक्शन

लाहौर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान मुहम्मद रजा डार (मुख्य आरोपी – एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनेता का रिश्तेदार), हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली के रूप में हुई है। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान पीड़ित महिलाओं ने सीधे तौर पर मुहम्मद रजा डार की पहचान इस पूरे कांड के मुख्य संदिग्ध के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि वारदात में शामिल पांचवां आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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क्रिप्टोकरेंसी बिजनेस के बहाने बुलाया पाकिस्तान

जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित महिलाएं और मुख्य आरोपी रजा डार एक-दूसरे को पहले से जानते थे। महिलाओं ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वे अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में रजा डार से मिली थीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि ये महिलाएं और रजा डार एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर (Cryptocurrency Venture) में बिजनेस पार्टनर थे। रजा डार ने ही दोनों महिलाओं के लिए बिजनेस वीजा का इंतजाम किया था, जिसके बाद वे 29 जून को ही लाहौर पहुंची थीं। लेकिन एयरपोर्ट से बाहर आते ही रजा डार ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें अगवा कर लिया और एक अज्ञात ठिकाने पर ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

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