खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे पीएम मोदी! ईरान ने भेजा को न्योता

Ayatollah Khamenei Funeral

Ayatollah Khamenei Funeral: इजरायली हमले के करीब चार महीने बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव के चलते लंबे समय तक टले इस कार्यक्रम के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है।

हालांकि, भारत सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस ऐतिहासिक और संवेदनशील समारोह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कौन करेगा। क्या पीएम मोदी खुद तेहरान जाएंगे या किसी वरिष्ठ मंत्री अथवा विशेष दूत को भेजा जाएगा, इस पर विदेश मंत्रालय (MEA) जल्द ही कोई अंतिम फैसला ले सकता है।

रिश्तों का संतुलन: भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने रणनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। लेकिन मौजूदा पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए नई दिल्ली के लिए यह फैसला काफी अहम है, क्योंकि भारत को इजरायल, खाड़ी देशों और ईरान के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक कूटनीतिक संतुलन बनाकर चलना है।

4 जुलाई से शुरू होगा 5 दिवसीय ऐतिहासिक कार्यक्रम

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा। इसकी पूरी रूपरेखा इस प्रकार है।

अंतिम दर्शन (तेहरान): कार्यक्रम की शुरुआत राजधानी तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर से होगी, जहां पार्थिव शरीर को आम जनता और विदेशी मेहमानों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।

धार्मिक शहरों की यात्रा (कौम और इराक): तेहरान और पवित्र शहर कौम में विशाल जुलूस निकालने के बाद, पार्थिव शरीर को पड़ोसी देश इराक के दो सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा।

सुपुर्द-ए-खाक (मशहद): विशेष प्रार्थना सभाओं के बाद, 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में स्थित इमाम रजा दरगाह परिसर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: सपना चौधरी और वीर साहू के रिश्तों पर करीबी एक्टर का दावा

इस महा-आयोजन में रूस, चीन, पाकिस्तान, इराक, अफगानिस्तान, सीरिया और लेबनान समेत कई देशों के उच्च स्तरीय डेलीगेशन शामिल हो रहे हैं। भारत इससे पहले भी ईरान के संकट काल में संवेदनशीलता दिखा चुका है। मई 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के निधन पर भारत ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया था और उनके अंतिम संस्कार में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल हुए थे। हालिया युद्ध और तनाव के बीच भी चाबहार बंदरगाह और ऊर्जा सुरक्षा जैसे साझा हितों के चलते दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत लगातार जारी रही है।

इसे भी पढ़ें: वीर बनकर तीन बच्चों के पिता आरिफ ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...