तीसरी लहर संभावित, आयेगी यह तय नहीं: डॉ. संदीप तिवारी

लखनऊ: कोरोना की तीसरी लहर का अनुमान है, लेकिन तय नहीं है कि वह आयेगी या नहीं। पिछले अनुभवों को देखते हुए, जैसे पहली लहर में बुजुर्ग, दूसरी लहर में युवा कोरोना ही चपेट में आए थे। उसी तरह अनुमान लगाया जा रहा है कि तीसरी लहर आ सकती है और बच्चों को प्रभावित कर सकती है। उक्त बातें मुख्य वक्ता केजीएमयू ट्रामा सेंटर के सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी ने सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र में आयोजित ‘बच्चे हैं अनमोल’ कार्यक्रम में कहीं। यह कार्यक्रम विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऑनलाइन एप पर लाइव प्रसारित किया गया। इस दौरान लाखों लोग जुड़े और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

मुख्य वक्ता केजीएमयू ट्रामा सेंटर के सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि कोरोना महामारी के साथ हमें जीना सीखना होगा और उसी के अनुसार जीवनशैली अपनानी होगी। उन्होंने कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा पर हमें ध्यान रखना होगा। उन्होंने कोरोना वैक्सीन पर जोर देते हुए कहा कि अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिये अभिभावकों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के बाद भी हमें कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली और स्वस्थ खान-पान से हमारी इम्युनिटी बढ़ेगी, जिससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलेगी।

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विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ आईएएस उत्तर प्रदेश प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) के महानिदेशक पी. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि कोरोना का संक्रमण शहरों की अपेक्षा ग्रामीणों में ज्यादा देखने को मिला है। इसलिये हमें अपनी इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संकट में समय में बच्चों पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाएं बल्कि उन्हें सकारात्मक रखें। उन्होंने चिकित्सकों और सरकारी अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा कि इस समय उन्हें में ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिये। उन्होंने अभिभावकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि घर में सकारात्मक और आध्यात्मिक माहौल बनायें, जो कोरोना को हराने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमें योग, प्राणायाम और व्यायाम भी करना चाहिये, इससे रोगों का नाश होता है।

कार्यक्रम अध्यक्ष व विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेम चंद्र ने अभिभावकों और शिक्षकों सलाह देते हुए कहा कि इस समय बच्चों व्यायाम, योगासन और प्राणायाम के लिये प्रेरित करना चाहिये, इससे उनके अंदर इम्युनिटी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि बच्चे हमेशा अनुकरण करते हैं इसलिये अभिभावकों को अनुकरणीय काम करना चाहिये। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बच्चों की सुरक्षा कैसे करें, इसे लेकर विद्या भारती जागरुकता शिविर चला रही है और अभिभावकों को जागरूक कर रही है। कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा ने किया। इस कार्यक्रम में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के सह प्रचार प्रमुख भास्कर दूबे, शुभम सिंह सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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