Basti News: एएनएम की लापरवाही, प्रसव के दौरान नवजात का सिर धड़ से अलग होकर गर्भाशय में फंसा
Basti News: जिले के कलवारी क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां मुरादपुर गांव की एक गर्भवती महिला, प्रेमा देवी के साथ प्रसव के दौरान इतनी बड़ी लापरवाही हुई कि नवजात का सिर धड़ से अलग होकर मां के गर्भाशय (uterus) में ही फंस गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने आनन-फानन में ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई।
पीड़ित परिवार के आरोपों के अनुसार, 8 अप्रैल की सुबह प्रेमा देवी को सात माह के गर्भ के दौरान प्रसव पीड़ा हुई। उन्हें एंबुलेंस से बनरहा सीएचसी (CHC) ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि वहां तैनात एएनएम कुसुम ने बिना किसी जांच के दर्द का इंजेक्शन लगा दिया और एंबुलेंस में ही प्रसव कराने की कोशिश की।
आरोप है कि एएनएम ने नवजात का पैर पकड़कर खींचा, जिससे बच्चा दो हिस्सों में बंट गया—धड़ बाहर आ गया और सिर गर्भाशय के अंदर ही रह गया। स्थिति बिगड़ती देख स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए और गंभीर हालत में महिला को रेफर कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बचाई जान
महिला को बेहद नाजुक स्थिति में बस्ती मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कल्पना मिश्रा और उनकी टीम ने तत्काल जांच की तो पता चला कि बच्चे का सिर अंदर ही फंसा है। डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए इमरजेंसी ऑपरेशन किया और सिर को बाहर निकालकर प्रसूता की जान बचा ली। फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। प्रसूता के ससुर दुर्गा प्रसाद ने कलवारी थाने में एएनएम कुसुम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी का कहना है कि जब महिला को लाया गया, तब बच्चे का पैर बाहर था और स्थिति गंभीर देख उसे तुरंत रेफर किया गया था। उन्होंने सीएचसी में प्रसव कराने की बात से इनकार किया है। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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