IAS रिंकू सिंह राही ने नौकरी से दिया इस्तीफा, कहा- जनसेवा का नहीं दिया गया मौका

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उनका नाम पिछले साल यानी 2025 में तब सुर्खियों में आ गया था, जब शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए उनका वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाने का वीडियो वायरल हुआ था। उस घटना के बाद से रिंकू सिंह को जुलाई 2025 से राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया था।

रिंकू सिंह राही का पूरा कैरियर उतार-चढ़ाव और चर्चित कहानियों से भरा पड़ा है। साल 2009 में मुजफ्फरनगर में 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा करने के बाद उन पर सात गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन वह जिंदा बच गए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिंकू सिंह राही ने यह कहते हुए इस्तीफा दिया है कि उन्हें लंबे समय से न तो पोस्टिंग दी जा रही थी और न ही कोई काम सौंपा जा रहा था। उन्होंने लिखा कि वह संबद्ध तो हैं, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं दिया गया।

एसडीएम रहते हुए कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया। हालांकि उन्हें वेतन मिलता रहा, लेकिन काम करने और जनसेवा के अवसर से वंचित रखा गया। उन्होंने इसे नैतिक निर्णय बताते हुए इस्तीफा दे दिया।

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2009 में हुआ था जानलेवा हमला

रिंकू सिंह राही की प्रोफेशनल पृष्ठभूमि काफी उल्लेखनीय रही है। 2009 में उन्होंने एक बड़े घोटाले को उजागर किया था, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उस वक्त उन पर सात गोलियां चलाई गईं, लेकिन वह बच गए। यह उनकी जिंदगी का वह अध्याय है, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दी।

शाहजहांपुर में क्या हुआ था

रिंकू सिंह राही को 24 जुलाई 2025 को शाहजहांपुर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनाती दी गई थी। उन्हें पुवायां तहसील में एसडीएम बनाया गया था। चार्ज लेने के बाद रिंकू सिंह राही तहसील परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। तभी उन्होंने चार लोगों को खुले में पेशाब करते देख लिया।

उन्होंने मौके पर ही चारों को उठक-बैठक लगाने का निर्देश दे दिया। जब पता चला कि उनमें से एक व्यक्ति अधिवक्ता का मुंशी है, तो वकील भड़क गए। उन्होंने धरना शुरू कर दिया और इसे अपमानजनक करार दिया।

माहौल बिगड़ता देख एसडीएम रिंकू सिंह राही खुद धरना स्थल पर पहुंचे और कहा कि खुले में पेशाब करना गलत है, चाहे कोई भी हो। इसी बीच किसी तंज पर उन्होंने वकीलों के सामने खुद कान पकड़कर उठक-बैठक लगानी शुरू कर दी।

एक मुंशी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देकर उसे चुप करा दिया। इसके बाद उन्होंने दोबारा उठक-बैठक लगाई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने उन्हें रोका और माहौल शांत करने का प्रयास किया। विवाद बढ़ता देख एडीएम मौके पर पहुंचे और वकीलों से धरना समाप्त करने की अपील की।

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वीडियो वायरल, फिर साइडलाइन

एसडीएम का उठक-बैठक वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। इस पर तरह-तरह के मीम्स बनने लगे। कटाक्ष और प्रतिक्रियाओं के बीच बात शासन तक पहुंची। इसके बाद रिंकू सिंह राही को एसडीएम के पद से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया।

अब उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। एक ऐसा अधिकारी जिसने कभी 100 करोड़ का घोटाला उजागर किया, सात गोलियां खाकर भी नहीं डिगा, आखिरकार नैतिक कारणों से नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।

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