वाराणसी हत्याकांड के दोषी को फांसी की सजा, एक ही परिवार के चार लोगों को रॉड से पीट-पीटकर उतारा था मौत के घाट
varanasi murder case: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 12 साल पहले एक ही परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने बुधवार को फांसी की सजा सुनाई। जल निगम के कर्मचारी मोहन प्रसाद जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम उर्फ झूना, बेटा प्रदीप और बेटी पूजा की हत्या के इस मामले में 12 साल 4 महीने बाद न्याय मिला है।
विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने रविंद्र उर्फ राजू पटेल को चार हत्याओं का दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2013 को वाराणसी के चोलापुर थाने में अशोक जायसवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई मोहन प्रसाद जायसवाल जल निगम में पंप ऑपरेटर थे और परिवार के साथ ग्राम चंद्रपुर में रहते थे।
घटना वाली रात करीब साढ़े नौ बजे मोहन जायसवाल घर के आगे वाले कमरे से बाथरूम जा रहे थे। तभी रविंद्र उर्फ राजू पटेल लोहे की रॉड लेकर उनके सामने आ गया और बिना कुछ कहे उनके सिर पर वार करना शुरू कर दिया।
मोहन की चीख-पुकार सुनकर उनका भतीजा संदीप कमरे से बाहर निकला, तो रविंद्र ने उस पर भी वार कर दिया। इसके बाद उसने एक-एक कर परिवार के चारों सदस्यों पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमले किए। मोहन प्रसाद जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम उर्फ झूना, बेटा प्रदीप और बेटी पूजा की इसी हमले में मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
क्या थी हत्या की वजह
दरअसल, रविंद्र मोहन जायसवाल के घर के पास ही शराब पीता था, जुआ खेलता था और मांसाहार पकाता था। मोहन प्रसाद ने उसे ऐसा करने से मना किया था और इसकी शिकायत उसके पिता से भी कर दी थी। बस इसी बात से नाराज रविंद्र ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।
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दो गवाहों की गवाही बनी आधार
इस हत्याकांड में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे – संदीप और आरती। यही दोनों इस वारदात के चश्मदीद गवाह थे। उनकी पहचान और गवाही के आधार पर ही अदालत ने रविंद्र को दोषी करार दिया।
कोर्ट में अभियोजन की तरफ से एडीजीसी रोहित मौर्य और वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता बटुक नाथ मौर्य, रितेश मौर्य, सुधांशु गुप्ता ने पैरवी की। 12 साल से लंबित इस मामले में अब फैसला आ गया है और दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है।
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