महिला पुलिसकर्मी को परेशान करने वाला मुख्य आरक्षी जितेंद्र यादव बर्खास्त
Lalitpur News: उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरक्षी जितेंद्र यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोपी पर महिला पुलिसकर्मी को लगातार परेशान करने, धमकी देने और विभागीय छवि खराब करने के गंभीर आरोप साबित हुए हैं। साथ ही, जांच में उसके द्वारा पुलिसकर्मियों से अवैध वसूली करने के मामले भी सामने आए।
महिला कर्मी को बार-बार फोन करता था
अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जितेंद्र यादव एक महिला पुलिसकर्मी को लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन करता था। वह उसे धमकियां देता था और निपटा देने तक की बात करता था। इन हरकतों से महिला कर्मी मानसिक रूप से काफी परेशान थी। जब यह मामला सामने आया, तो विभाग ने तुरंत गंभीरता दिखाते हुए जांच बैठा दी।
अवैध वसूली भी करता था
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी पोजीशन का गलत फायदा उठा रहा था। वह पुलिसकर्मियों से अवकाश से जुड़ी पत्रावलियों को निस्तारित करने के बदले अवैध धन की मांग करता था। इतना ही नहीं, वह विभाग के भीतर अनर्गल अफवाहें फैलाकर माहौल भी खराब कर रहा था, जिससे पूरे विभाग की छवि पर असर पड़ रहा था।
इसे भी पढ़ें: धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा एससी का दर्जा, सिर्फ हिंदू, सिख और बौद्धों को ही लाभ
झांसी के एएसपी ने की थी जांच
इस पूरे प्रकरण की जांच झांसी के अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई थी। विस्तृत जांच के बाद जितेंद्र यादव को सभी आरोपों में दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने उसके खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की, जिसे मंगलवार को पूरा करते हुए उसे उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा से पदच्युत कर दिया गया।
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस विभाग ने एक साफ संदेश दिया है कि महिला उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग का कहना है कि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई न सिर्फ अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि आम जनता को भी यह भरोसा दिलाती है कि वर्दी में बैठे लोगों पर अगर कोई शिकायत आती है, तो विभाग उसे गंभीरता से लेता है।
इसे भी पढ़ें: हरीश राणा का निधन, सुप्रीम कोर्ट की इच्छामृत्यु अनुमति एम्स में ली अंतिम सांस
