Yogi Cabinet Decisions: किसानों को गेहूं पर मिलेगा 20 रुपये का अतिरिक्त बोनस, बिजली भी हो सकती है सस्ती
Yogi Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 37 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है, जबकि दो प्रस्तावों (प्रस्ताव संख्या 20 और 21) को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु प्रदेश के किसान और ऊर्जा क्षेत्र रहे।
किसानों को बड़ी राहत, गेहूं खरीद की नई नीति स्पष्ट
सरकार ने आगामी रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद की नीति को मंजूरी दे दी है, जिससे अन्नदाताओं की आय में सीधा इजाफा होगा। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि किसानों को अब केवल एमएसपी ही नहीं मिलेगा, बल्कि गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए सरकार की ओर से ₹20 प्रति कुंतल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि किसानों के खातों में प्रति कुंतल अधिक राशि भेजी जाएगी।

30 मार्च से शुरू होगी खरीद, 6500 केंद्र स्थापित होंगे
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सीजन में 30 लाख टन गेहूं खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य रखा है, हालांकि अधिकारियों का अनुमान है कि यह आंकड़ा 50 लाख टन तक पहुँच सकता है। गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान, DBT से मिलेगा पैसा
कैबिनेट बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। पूरी खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जाएगा।
80 पैसे प्रति यूनिट सस्ती हो सकती है बिजली
कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग के एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है, जिससे प्रदेशवासियों को सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद जागी है। कानपुर के घाटमपुर में 660 मेगावॉट की तीन इकाइयों वाला पावर प्लांट केंद्र और यूपी सरकार का साझा उपक्रम है। इसकी दो इकाइयां शुरू हो चुकी हैं और तीसरी जल्द शुरू होनी है।
कोल माइन विकास: झारखंड में केंद्र सरकार द्वारा आवंटित कोल ब्लॉक के विकास के लिए कैबिनेट ने ₹2242.90 करोड़ के खर्च को मंजूरी दी है।
फायदा: इस माइन से 270 मिलियन टन कोयला निकलने का अनुमान है। अभी कोयला दूर से लाना पड़ता है, लेकिन अपनी माइन शुरू होने से बिजली उत्पादन की लागत कम होगी, जिससे बिजली 80 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती होने की उम्मीद है।
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गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी, चिलुआताल में लगेगा फ्लोटिंग प्लांट
मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया गया है। गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने 80 एकड़ जमीन उपलब्ध करवा दी है। यह प्रोजेक्ट न केवल बिजली की कमी को दूर करेगा, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में प्रदेश की रैंकिंग भी सुधारेगा।
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