तिरंगा यात्रा विवाद: विधायक के चाचा हैं, लाठी तो भांजेंगे ही!

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tiranga Yatra

अभयराम यादव

करनैलगंज: सरकार अपनी है, क्षेत्र अपना है, तिरंगा यात्रा भी अपनी थी, पुलिस भी अपनी थी और पुलिस अपनी थी तो कानून भी अपना ही था। जी हां, यह बात गोंडा जनपद के करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के परसपुर थाना अंतर्गत गत दिनों भाजपा के तिरंगा यात्रा में खलल डालने वालों पर एकदम सटीक बैठता है। मस्जिद से जुड़े जमीनी विवाद को लेकर एक प्ख की तरफ से भाजपा के तिरंगा यात्रा का विरोध करना यहां के भाजपा विधायक के चाचा को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने पुलिसवालों के साथ मिलकर जमकर लाठियां भांजी। इसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि भाजपा विधायक के चाचा को लोगों पर लाठियां भांजने का अधिकार किस कानून के तहत मिल गया, वह भी पुलिस की मौजूदगी में।

दरअसल, लोकसभा कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र में 90 किलोमीटर तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। यह यात्रा परसपुर थाना क्षेत्र के कस्बा परसपुर अंतर्गत मस्जिद के पास पहुंची थी। तभी जमीन को लेकर दो पक्षों में चल रहे विवाद में कुछ लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस ने आराजक तत्वों को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजनी शुरू कर दी। लेकिन इसी बीच पुलिसवालों के साथ लाठी चलते करनैलगंज विधायक अजय कुमार सिंह के चाचा इतेंद्र कुमार उर्फ़ गुडडू सिंह भी नजर आ रहे हैं। बता दें कि इतेंद्र कुमार उर्फ़ गुडडू सिंह करनैलगंज विधायक अजय कुमार सिंह के चाचा होने के साथ विधायक प्रतिनिधि भी हैं। उनकी गैर मौजूदगी में वहीं वधायक का कार्यभार देखते हैं। गौरतलब है जस जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ था, उसका मामला उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ में विचाराधीन है।

छह आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

थाना परसपुर क्षेत्र के कस्बा परसपुर अंतर्गत मस्जिद के पास जमीन को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद को लेकर पुलिस अधीक्षक गोंडा आकाश तोमर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने के लिए प्रभारी निरीक्षक परसपुर को निर्देशित किया था। परसपुर थाना पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने असलम उर्फ वहीद अख़्तर, गुलजार अली, दरोगा उर्फ समीम, जगदाम उर्फ जद्दाम, हलीम व एक अन्य आरोपी रवि उर्फ विशाल यज्ञसैनी को गिरफ्तार कर लिया है।

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थानाध्यक्ष परसपुर के मुताबिक शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं मामले में भाजपा विधायक के चाचा का कही नाम न आने पर लोगों में परसपुर पुलिस की भूमिका को लेकर तरह-तरह के सवाल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई देखकर यह समझा जा सकता है कि विधायक के चाचा किस तरह कानून से ऊपर हैं। लोगों का कहना है कि एक दौर था, जब धौस जमाने के लए कहा जाता था कि चाचा हमरे विधायक हैं। लेकिन भाजपा राज में उलटा गंगा बहने लगी है। अब विधायक के चाचा हैं, तो किसी पर भी लाठियां भांज सकते हैं, वह भी पुलिस की मौजूदगी में।

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