कतर का मिलिट्री हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत, ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बढ़ी आशंकाएं
दोहा: मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कतर का एक मिलिट्री हेलीकॉप्टर फारस की खाड़ी में अपने ही क्षेत्रीय जल में क्रैश हो गया। कतर सरकार ने रविवार को इस हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। बचाव दल लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं।
रूटीन ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह हेलीकॉप्टर रूटीन ड्यूटी पर था, तभी अचानक उसमें तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते वह समुद्र में गिर गया। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, एक कतरी हेलीकॉप्टर रूटीन ड्यूटी के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हुआ, जिसके कारण यह राज्य के क्षेत्रीय जल में क्रैश हो गया। चालक दल और यात्रियों की तलाश जारी है।
आंतरिक मंत्रालय के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मृतक सैन्य कर्मी थे या नागरिक। बचाव कार्यों में कोस्ट गार्ड और इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स (लेख्विया) की टीमें जुटी हुई हैं।
यह दुर्घटना ऐसे वक्त में हुई है जब मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। ईरान लगातार कतर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। ऐसे में यह आशंका स्वाभाविक थी कि कहीं यह हेलीकॉप्टर किसी ईरानी हमले का शिकार तो नहीं हुआ।
हालांकि, कतर सरकार ने साफ कर दिया है कि इस क्रैश में किसी दुश्मन कार्रवाई का कोई संकेत नहीं मिला है। उन्होंने इसे महज तकनीकी खराबी का नतीजा बताया है। लेकिन यह घटना खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही बढ़ती अस्थिरता के बीच सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है।
पहले ही बढ़ चुका है कतर-ईरान तनाव
गौरतलब है कि हाल ही में सऊदी अरब और कतर ने ईरानी दूतावास के कुछ कर्मचारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया था। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था। ऐसे में हेलीकॉप्टर क्रैश की घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा दी हैं।
इसे भी पढ़ें: गुरु ने प्रयागराज में बजाई ऐसी थाप, तबला वादन में मिल गया दूसरा स्थान
जांच शुरू, तेल-गैस संचालन पर कोई असर नहीं
कतर की सेना और सरकार ने घटना के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी है। तकनीकी खराबी के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल, खाड़ी में तेल और गैस संचालन पर इस घटना का कोई तत्काल असर नहीं पड़ा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसे क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं। कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की अपील नहीं की है, लेकिन बचाव और राहत कार्य जारी हैं। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और लापता व्यक्ति की तलाश जारी है।
इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के नव निर्माण के नौ वर्ष
