लखनऊ में खाकी फिर शर्मसार: केस की जांच के नाम पर युवती का शोषण करने वाला दरोगा निलंबित
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी में पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। आशियाना पुलिस स्टेशन में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) धर्मवीर शाही पर एक पीड़िता ने मदद का भरोसा देकर यौन उत्पीड़न, मारपीट और हत्या की धमकी देने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद आरोपी दरोगा को निलंबित कर हिरासत में ले लिया गया है, साथ ही उसके दो अन्य अज्ञात सहयोगियों पर भी शिकंजा कसा गया है।
पारा निवासी पीड़िता के अनुसार, उसने पूर्व में बस्ती जिले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था, जो ट्रांसफर होकर आशियाना थाने आया था। जांच अधिकारी धर्मवीर शाही ने केस में सहयोग के बदले युवती पर दबाव बनाया और शादी का झांसा देकर उसका लगातार शारीरिक शोषण किया। इस सच का पर्दाफाश तब हुआ जब डेढ़ माह पूर्व बनारस यात्रा के दौरान पीड़िता को दरोगा के शादीशुदा होने की जानकारी मिली। जब उसने दूरी बनानी चाही, तो आरोपी दरोगा प्रताड़ना पर उतर आया।
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आरोप है कि बीते 30 जुलाई को आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता को कार से कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद पीड़िता ने डीसीपी सेंट्रल के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत की भनक लगते ही आरोपी ने पीड़िता के घर पहुंचकर डिजिटल साक्ष्य (वीडियो, फोटो व चैट) डिलीट करने की नीयत से दोबारा मारपीट की।
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के कड़े निर्देशों के बाद आरोपी दरोगा व उसके साथियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा एसीपी कैंट सुजीत दुबे को सौंपा गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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