गोवर्धन लीला के वर्णन से भक्तिमय हुआ हरि नगर, स्वामी शिवाधर दुबे महाराज के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

panipat hari nagar govardhan katha

पानीपत (हरियाणा): हरि नगर में आयोजित पावन श्रीमद्भागवत गोवर्धन कथा के पांचवें दिन भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास सरयू त्रिपाठी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य ‘गोवर्धन लीला’ का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय भक्तों, माताओं और बहनों ने शिरकत की, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन

कथा वाचक सरयू त्रिपाठी ने श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र का मान मर्दन करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण करने की लीला का अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अहंकार के त्याग का संदेश देती है। महाराज जी की मधुर वाणी सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन हो गए।

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स्वामी शिवाधर दुबे महाराज का दिव्य आगमन

कथा के दौरान ‘श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट’ के संस्थापक स्वामी श्री गुरु शिवाधर दुबे महाराज का विशेष आगमन हुआ। उनके पंडाल में पहुँचते ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। महाराज ने उपस्थित जनसमूह को अपना आशीर्वाद प्रदान किया, जिससे कथा स्थल का वातावरण और अधिक दिव्य और पवित्र हो गया।

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भजनों की स्वर लहरियों पर थिरके भक्त

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्वामी जी द्वारा प्रस्तुत भजन रहे। जब उन्होंने “दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार” भजन गाना शुरू किया, तो पूरा पंडाल झूम उठा। भक्ति से ओत-प्रोत इस भजन ने श्रद्धालुओं को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना जगाई, बल्कि समाज में एकता और श्रद्धा का संदेश भी प्रसारित किया। कथा के अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ पांचवें दिन के सत्र का समापन हुआ।

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