शेरपुर का बच्चा-बच्चा देश की आन, बान और शान के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने को तैयार: संजय शेरपुरिया

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Sanjay Sherpuria

गाजीपुर: वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के आह्वान पर गाजीपुर की मुहम्मदाबाद तहसील में एक साथ 8 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आन,बान और शान को महफूज रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। 18 अगस्त 1942 के दिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवपूजन राय की अगुवाई में तहसील भवन से यूनियन जैक उतार तिरंगा फहराने को लेकर शेरपुर गांव के ही रहने वाले 8 वीर सेनानियों ने सीने पर गोली खाकर इतिहास के पन्नों में अपनी शहादत दर्ज करा दिया था। उनकी स्मृतियों को ताजा करने के लिए हर वर्ष 18 अगस्त को शहादत दिवस मनाया जाता है।

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गुरुवार को भी इसी क्रम में मुहम्मदाबाद तहसील के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहादत दिवस के अवसर पर क्रांतिकारियों के गांव शेरपुर के शहीद स्मारक पर ग्रामीणों ने अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर देश के नामचीन सामाजिक उद्यमी संजय शेरपुरिया ने भी अमर जवानों की शान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। शेरपुरिया ने कहा कि शेरपुर बलिदानियों का गांव है। देश को जब-जब जरूरत पड़ेगी, इस क्षेत्र का बच्चा-बच्चा कुर्बानी देने को तैयार रहेगा।

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इस मौके पर नारायण उपाध्याय, डा. राकेश कुमार श्रीवास्तव, पूर्व प्रधान लल्लन राय, जयप्रकाश राय, विद्यासागर गिरी हेमनाथ राय, डा. राहुल राय, संजय राय शेरपुरिया, रामबली राय, बालाजी राय, अजय राय, पियूष प़वीण राय, नवीन राय, दयाशंकर राय, केशरी राय, पूर्व प़धान लल्लन राय, ओमप्रकाश राय, मिथिलेश राय, रमेश राय, अरबिन्द राय आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

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