पानीपत में स्वामी शिवाधर दुबे महाराज के सानिध्य में सुंदरकांड का दिव्य दरबार
पानीपत: हरियाणा की ऐतिहासिक नगरी पानीपत के सेक्टर-6 स्थित शिव मंदिर पार्क की पावन भूमि एक बार फिर भक्ति के रस में सराबोर होने जा रही है। श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित होने वाला पंचम वार्षिकोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्तों के लिए अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक दिव्य अवसर बनकर आ रहा है।
ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी श्रीगुरु शिवाधर दुबे महाराज ने इस अवसर पर भक्तों के लिए एक अत्यंत प्रेरक और स्नेहिल संदेश साझा किया है। उन्होंने सुंदरकांड की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, सुंदरकांड पाठ वह अमृतधारा है, जो मन के संशय और दुखों को धोकर हृदय को भक्ति से भर देती है। जब भी जीवन में अंधकार महसूस हो, हनुमंतलाल का ध्यान करें और प्रेम को जीवन का आधार बनाएं, क्योंकि जहाँ प्रेम है, वहीं परमात्मा का वास है।

संस्कार और सेवा का अनूठा संगम
स्वामी जी ने इस दिव्य यज्ञ को सफल बनाने में जुटे सेवादारों बहन मधु शुक्ला, पूनम रामदेव, चंदन यादव, निरंजन, महेश और समस्त समर्पित भक्तों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज में संस्कार और श्रद्धा का दीप प्रज्वलित करने का एक पुण्य कार्य है।

भक्तों के लिए स्नेहिल आह्वान
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालु भक्तों से सपरिवार इस पावन उत्सव में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य-
सामूहिक सुंदरकांड पाठ के जरिए मन की शांति।
श्री राम और हनुमान जी की कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव।
समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे का संचार।
आयोजन विवरण एक नजर में
अवसर: पंचम वार्षिकोत्सव (श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट)
स्थान: शिव मंदिर पार्क, सेक्टर-6, पानीपत।
प्रमुख आकर्षण: स्वामी जी का सानिध्य और सामूहिक सुंदरकांड गान।
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