यूपी में योगी मंत्रिमंडल का विस्तार की चर्चा तेज, इन चेहरों को मिल सकती है जगह
Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मंत्री बनने की रेस शुरू हो गई है। रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी के ऑब्जर्वर विनोद तावड़े के लखनऊ पहुंचने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। तावड़े ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में लंबी बैठक की, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार और संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है।
योगी सरकार के 2022 में दोबारा सत्ता में आने के बाद मार्च 2024 में पहला विस्तार हुआ था। अब दूसरे विस्तार की जरूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद और राज्यमंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि सांसद बन चुके हैं, जिससे उनके पद खाली हैं। नियमानुसार यूपी में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं, जबकि अभी मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम समेत केवल 54 सदस्य ही हैं। यानी 6 नई कुर्सियां अब भी खाली हैं।
मंत्रिमंडल में किसे मिल सकती है जगह
सियासी गलियारों में चर्चा है कि 2024 के राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले 7 विधायकों में से 2 को मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा करीब तीन दर्जन खाली पड़े आयोगों, निगमों और बोर्डों के पदों पर भी नियुक्तियां होनी हैं।
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योगी मंत्रिमंडल का वर्तमान लेखा-जोखा
कुल सदस्य: 54 (CM और 2 डिप्टी CM सहित)
कैबिनेट मंत्री: 21
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार): 14
राज्यमंत्री: 19
खाली कुर्सियां: 06
2027 के लिए मिशन क्लीन स्वीप की तैयारी
बीजेपी की नजरें अब 2027 के विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात और फिर रविवार को केंद्रीय नेतृत्व के दखल ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी चुनाव से पहले सरकार और संगठन की हर कमी को दुरुस्त करना चाहती है।
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