गोरखपुर से अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्टी यात्रा का शंखनाद, गौ रक्षा के लिए वोट की अपील
Gorakhpur News: गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र स्थित सहारा एस्टेट के भारत माता मंदिर से रविवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐतिहासिक ‘गविष्टी यात्रा’ का आगाज किया। 81 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरेगी। यात्रा के शुभारंभ पर शंकराचार्य ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और हिंदुत्व के दावों पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश को हिंदू राष्ट्र के रूप में पेश किया जाता है, वहां गौ माता की रक्षा के लिए आंदोलन की आवश्यकता पड़ रही है। सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारों में केवल इंजन ही दिख रहे हैं; डिब्बे या तो हैं नहीं, और यदि हैं तो वे केवल वीआईपी लोगों के लिए आरक्षित हैं, आम जनता के लिए कोई स्थान नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी पर कटाक्ष
शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि वे गाय को ‘राज्यमाता’ घोषित कर देते, तो हम उनकी प्रशंसा के कसीदे पढ़ते। शंखनाद के बीच उन्होंने उपस्थित जनसमूह को ‘गाय हमारी माता है’ का संकल्प दिलाया और घोषणा की कि अब से गाय को आधिकारिक रूप से माता माना जाए और इसके साथ बुरा व्यवहार करने वाला अपराधी समझा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ हत्या और बूचड़खानों को बंद कराने के लिए हिंसा का मार्ग नहीं अपनाना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपनी उंगली की ताकत (वोट) का सही इस्तेमाल करें और केवल उसी पार्टी को सत्ता में लाएं जो गौ रक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पित हो।
सरकार पर हिंदू विरोधी कानून बनाने का आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा सरकार के दौरान हिंदू धर्म और संस्कृति के विरुद्ध 37 से अधिक कानून बनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान वे इन सभी कानूनों के बारे में जनता को विस्तार से बताएंगे। शंकराचार्य ने मंदिर तोड़े जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा शासन में ऐसे कानून बने हैं जो भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाते। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का उदाहरण देते हुए कहा कि अंबेडकर ने समलैंगिकता के लिए सात साल की कैद का प्रस्ताव दिया था, जिसे वर्तमान सरकार ने हटा दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये वास्तव में अंबेडकर भक्त होते, तो इस निर्णय को कभी नहीं पलटते।
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बूचड़खानों पर धावा बोलने की तैयारी
शंकराचार्य ने जनता से अपनी प्राथमिकताएं बदलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले 78 वर्षों से लोग बिजली, पानी, जाति और धर्म के नाम पर वोट देते आए हैं, लेकिन अब समय गौ रक्षा के लिए मतदान करने का है। उन्होंने तीन लाख रामाधाम की अपनी परिकल्पना को साझा करते हुए जनता से एक वोट और एक नोट का सहयोग मांगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब उनका यह संकल्प और संगठन पूरा हो जाएगा, तब वे सामूहिक रूप से बूचड़खानों पर धावा बोलेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिंदू कौम कभी डरती नहीं है और हमने हमेशा डराने वालों को परास्त किया है, बस वर्तमान में अपनों और परायों के बीच स्पष्टता की कमी है।
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