Lucknow Triple Murder: पुलिस कमिश्नरेट का बड़ा एक्शन, कश्मीरी मोहल्ला चौकी के सभी 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
Lucknow Triple Murder: लखनऊ के सआदतगंज ट्रिपल मर्डर मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कार्रवाई की है। कश्मीरी मोहल्ला पुलिस चौकी पर तैनात चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम अपर्णा कुमार की गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले सआदतगंज इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी को भी निलंबित किया जा चुका है।
चौकी के सभी पुराने पुलिसकर्मी हटाए गए
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक शिव कुमार यादव, हेड कांस्टेबल उमेश और दो अन्य सिपाही शामिल हैं। चौकी की व्यवस्था संभालने के लिए डीसीपी की ओर से नए दरोगा और पुलिसकर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद कश्मीरी मोहल्ला चौकी का पूरा पुराना स्टाफ बदल गया है।
पार्किंग विवाद में तीन लोगों की हुई थी हत्या
दरअसल, सआदतगंज के नौबस्ता ब्राह्मण टोला में कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। आरोप है कि पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी ऋषभ शुक्ला ने रिटायर्ड कर्मी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें आरोपी खुलेआम पिस्टल से फायरिंग करता दिखाई दिया। इस वारदात के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और पहले से मौजूद विवादों को लेकर उसकी सक्रियता पर सवाल उठने लगे थे।
प्रदर्शन के बाद इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी पर हुई थी कार्रवाई
तीन लोगों की हत्या के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। स्थानीय निवासियों के विरोध और शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद सआदतगंज इंस्पेक्टर और संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। अब चौकी पर तैनात बाकी चार पुलिसकर्मियों को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों की इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर पुलिस की जवाबदेही तय करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रमुख सचिव गृह और DGP ने पीड़ित परिवार से की थी मुलाकात
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर से भी इसकी निगरानी की गई थी। यूपी के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी राजीव कृष्ण ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी। अधिकारियों ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की बात कही थी। साथ ही मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और उसके सहयोगियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया था।
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गोपनीय जांच में सामने आई पुलिसकर्मियों की लापरवाही
ट्रिपल मर्डर के बाद ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम अपर्णा कुमार को स्थानीय पुलिस की भूमिका की गोपनीय जांच सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि कश्मीरी मोहल्ला चौकी के पुलिसकर्मियों ने इलाके में पहले से चल रहे विवादों और मिल रही शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। समय रहते जरूरी एहतियाती कदम भी नहीं उठाए गए। इसी लापरवाही को कार्रवाई का आधार बनाया गया। पुलिस कमिश्नरेट ने इस कदम के जरिए स्पष्ट किया है कि अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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