Pensioners को बड़ी राहत: 1 नवंबर से शुरू होगा देशव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान

Digital Life Certificate

Digital Life Certificate: देशभर के करोड़ों पेंशनभोगियों के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान होने जा रही है। केंद्र सरकार 1 नवंबर 2026 से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनाने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने जा रही है। इस बार अभियान में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे बुजुर्ग पेंशनर्स को बैंक या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी।

सरकार ने 30 नवंबर तक कुल 2.30 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 1.50 करोड़ प्रमाणपत्र स्मार्टफोन के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल करके बनाने की योजना है। इस तरह कुल लक्ष्य का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा इसी तकनीक से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

1 से 30 नवंबर तक 2,000 शहरों और जिलों में चलेगा अभियान

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से आयोजित यह पांचवां राष्ट्रव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान होगा। यह 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक देश के करीब 2,000 शहरों और जिलों में संचालित किया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ना और सालाना जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। सरकार का प्रयास है कि बुजुर्गों को अपना लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े और वे आसानी से डिजिटल माध्यम से यह जरूरी काम पूरा कर सकें।

स्मार्टफोन पर चेहरा दिखाते ही बनेगा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

इस बार सरकार का सबसे ज्यादा फोकस फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक पर रहेगा। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, अभियान में इस तकनीक के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस सुविधा के तहत पेंशनर्स अपने Android या iOS स्मार्टफोन से ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सकेंगे। इसके लिए स्मार्टफोन के कैमरे के सामने अपना चेहरा दिखाकर पहचान सत्यापित करनी होगी। यानी सामान्य स्मार्टफोन की मदद से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

मंत्रालय का कहना है कि फेस ऑथेंटिकेशन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने का सरल और तेज माध्यम है। इससे खासतौर पर उन बुजुर्ग पेंशनर्स को फायदा होगा, जिन्हें बैंक या अन्य संस्थानों तक पहुंचने में परेशानी होती है। इस पूरी प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और UIDAI तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएंगे।

19 बैंक और 785 जिला डाकघर अभियान में होंगे शामिल

इस राष्ट्रव्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों तथा संस्थानों को एक साथ जोड़ा गया है। इसमें पेंशन वितरण करने वाले बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA), दूरसंचार विभाग (DoT), रेलवे और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की भागीदारी रहेगी।

इसके अलावा UIDAI, MeitY और राज्य सरकारें भी अभियान में सहयोग करेंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पहल में 19 बैंक, 785 जिला डाकघर और 56 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन शामिल होंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य महानगरों से लेकर छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स तक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा पहुंचाना है।

लाइफ सर्टिफिकेट के साथ हेल्थ चेकअप और आधार अपडेट की सुविधा

सरकार इस अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित करेगी। इन शिविरों में केवल डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स को स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इससे बुजुर्गों को एक ही स्थान पर कई जरूरी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। जिन पेंशनर्स के लिए शिविरों तक पहुंचना मुश्किल होगा, उनकी सुविधा के लिए जरूरत के अनुसार घर पर भी सेवाएं पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने में आने वाली परेशानियों और शिकायतों के समाधान के लिए विशेष शिकायत अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। अधिक संख्या में पेंशनर्स वाले क्षेत्रों में संबंधित विभाग मेगा कैंप आयोजित करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।

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वरिष्ठ अधिकारी करेंगे अभियान की निगरानी

अभियान की प्रगति और जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चयनित राज्यों का दौरा करेंगे। ये अधिकारी मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और अभियान की प्रगति पर नजर रखेंगे।

इसके साथ ही सरकार ने इस अभियान के प्रचार-प्रसार की भी व्यापक तैयारी की है। दूरदर्शन, आकाशवाणी और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के माध्यम से लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी। इसके लिए टीवी और रेडियो कार्यक्रमों के साथ प्रिंट मीडिया का भी इस्तेमाल होगा।

पेंशनर्स को जागरूक करने के लिए SMS, सोशल मीडिया पोस्ट, जिंगल और शॉर्ट फिल्मों के जरिए भी प्रचार किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि नवंबर के दौरान अधिक से अधिक पेंशनर्स डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

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