अमित शाह का राहुल गांधी से तीखा सवाल, पूछा- घुसपैठियों और फर्जी वोटों को हटाने से क्यों डरती है कांग्रेस?
Amit Shah Hyderabad Rally: कांग्रेस पार्टी द्वारा 1 नवंबर को एसआईआर (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दों को लेकर आयोजित रैली के ठीक बाद, भारतीय जनता पार्टी ने हैदराबाद में एक विशाल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य रैली में हजारों की संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। मंच से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए सभी राजनीतिक आरोपों का करारा जवाब दिया और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को पारदर्शी लोकतंत्र के लिए एक बेहद आवश्यक और कानूनी प्रक्रिया करार दिया।
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। शाह ने राहुल गांधी के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह कहा गया था कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण देश भर में 13 करोड़ मतदाता प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री ने आंकड़ों के जरिए अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे पारदर्शी कारण मौजूद हैं, जिसे कांग्रेस बेवजह राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।
स्थान परिवर्तन और मृत मतदाताओं का तथ्यात्मक हिसाब
अमित शाह ने विस्तार से समझाते हुए कहा कि 13 करोड़ की कुल संख्या में से लगभग 6 करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं जो रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पलायन कर चुके हैं और अब उस पुरानी जगह पर निवास नहीं करते हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में जनता से पूछा कि जो लोग संबंधित क्षेत्र में रह ही नहीं रहे हैं, क्या उनका नाम मतदाता सूची में अनिश्चितकाल तक बना रहना चाहिए? इसके अलावा, उन्होंने बताया कि इस सूची में लगभग 3 करोड़ ऐसे नाम भी हैं जिनका निधन हो चुका है। शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम पर फर्जी मतदान कौन डालेगा?
डुप्लीकेट वोटर और अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे आक्रामक रुख अपनाते हुए खुलासा किया कि मतदाता सूचियों में लगभग 1 करोड़ मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनके नाम की डुप्लीकेट या दोहरी प्रविष्टियां दर्ज थीं। उन्होंने कहा कि यदि एक ही व्यक्ति का नाम सूची में दो या दो से अधिक स्थानों पर दर्ज है, तो चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उसे हटाया जाना ही चाहिए। इसके साथ ही शाह ने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 3 करोड़ नाम ऐसे लोगों के हैं जो भारतीय नागरिक नहीं हैं और अवैध रूप से देश की सीमा के भीतर रह रहे हैं। अमित शाह ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे विदेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हर हाल में हटाए जाने चाहिए, लेकिन कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी इस सफाई अभियान का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बीजेपी सरकार देश की सुरक्षा के लिए एक-एक घुसपैठिए की पहचान करने और उन्हें हटाने का काम जारी रखेगी।
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2014 से लेकर अब तक की चुनावी जीत का दिया हवाला
अमित शाह ने राहुल गांधी के उस दावे को भी पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें यह कहा गया था कि बीजेपी कथित तौर पर एसआईआर की वजह से चुनाव जीतती है। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि वर्ष 2014 में जब आदरणीय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी, तब देश में इस प्रकार की कोई प्रक्रिया नहीं हुई थी। इसके बाद जब अन्य राज्यों और केंद्र में लगातार पार्टी जीती, तब भी ऐसा कुछ नहीं था। वर्ष 2024 में भी हम जनता के आशीर्वाद से जीते, इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और अब तेलंगाना में भी पार्टी भारी जीत दर्ज करने जा रही है।
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