हरियाली के दुश्मनों पर मेहरबान कप्तानगंज पुलिस, शिकायत के बाद भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं
Basti News: हरियाली की रखवाली की जिम्मेदारी जिन लोगों पर है वही लोग इसे नष्ट करने वालों का साथ दे रहे हैं। मामला बस्ती जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लोढ़वा का है। यहां चकमार्ग की जमीन पर कब्जा जमाए शिवनाथ यादव पुत्र राम लौट ने गत रविवार को हरा महुआ का पेड़ काट कर उठा ले गए। गांव के तिलकराम यादव ने इसकी शिकायत कप्तानगंज थाना क्षेत्र के दुबौला चौकी व वन दरोगा से की, लेकिन चार दिन बीतने को है आरोपी पर न तो मामला दर्ज हुआ और न की कोई कार्रवाई हो सकी। बता दें कि इसी पेड़ व जमीन को लेकर तिलकराम यादव और शिवनाथ की बीच मुकदमेबाजी चल रही है।
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को सरकारी जमीन से हरा महुआ का पेड़ काटे जाने की जानकारी होने पर तिलकराम यादव ने तत्काल इसकी सूचना डायल 112 पर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी शिवनाथ यादव पर कार्रवाई करने की जगह तिलकराम को इसकी शिकायत दुबौला पुलिस चौकी में करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। डायल 112 से मिली निराशा के बाद तिलकराम यादव ने शिवनाथ के खिलाफ दुबौला पुलिस चौकी व वन दरोगा से लिखित शिकायत की, लेकिन चार दिन का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक न तो काई रिपोर्ट दर्ज की गई है और नहीं कोई कार्रवाई हो सकी है।

फरियादी तिलकराम यादव ने बताया कि दुबौला पुलिस चौकी और वन दरोगा की तरफ से कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें लगातार दौड़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वन दरोगा मामले की जांच करने आरोपी के घर भी आए थे, लेकिन शिवनाथ पर एफआईआर करवाने से वह कन्नी काट रहे हैं। वहीं दुबौला चौकी प्रभारी ने लिखित तहरीर के बावजूद मामले की जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने बताया कि शिवनाथ पर दबाव-प्रभाव के चलते पुलिस कार्रवाई करने से अक्सर बचती है, जिसके चलते उसका मनोबल काफी बढ़ गया है। इस संदर्भ में वन दरोगा से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, मगर फोन न उठने से बात नहीं हो सकी।
इसे भी पढ़ें: चकमार्ग से काटा गया पुराना हरा महुआ का पेड़, पुलिस पर टालमटोल का आरोप
गौरतलब है कि प्रदेश में हरे पेड़ों की कटान रोकने में वन विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। पुलिस और वन कर्मियों की मिली भगत से हरे पेड़ों की कटान लगातार जारी है। ऐसे मामलों में अगर कोई हरियाली के दुश्मनों के खिलाफ शिकायत भी करना चाहे तो पुलिस उसे इतना दौड़ा देती है कि थक-हार कर चुप बैठने को मजबूर हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा: सीएम योगी
