जमीन पर पी जाएगी अंतरिक्ष में तैयार व्हिस्की! जानें क्या है स्पेस-एज्ड व्हिस्की का अनोखा मिशन

Space Aged Whisky

Space Aged Whisky: शराब (व्हिस्की) के शौकीनों के लिए एक बेहद रोचक खबर सामने आई है। अब तक धरती पर बैरल (लकड़ी के पीपे) या बोतलों में शराब को पुराना (Aging & Maturation) किया जाता रहा है, ताकि उसका रंग, गंध और स्वाद बेहतर हो सके। लेकिन अब इंसान इस प्रक्रिया को अंतरिक्ष (Space) में अंजाम देने की तैयारी कर रहा है।

कोशिश यह पता लगाने की है कि क्या पृथ्वी की कक्षा (Orbit) में घूमने से व्हिस्की के मैच्योर होने की प्रक्रिया तेज़ हो सकती है और क्या इसका एक अधिक बोल्ड व प्रीमियम स्वाद तैयार किया जा सकता है।

क्या है स्पेस पफिन मिशन

स्कॉटलैंड और जापान के इंजीनियरों ने मिलकर इस प्रयोग को अंजाम देने के लिए एक छोटा सैटेलाइट तैयार करने की योजना बनाई है, जिसे क्यूबसैट (CubeSat) कहा जाता है। इस अनोखे एक्सपेरिमेंट का नाम स्पेस पफिन (Space Puffin) रखा गया है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्यूबसैट में व्हिस्की के सैंपल्स को लकड़ी के बेहद छोटे टुकड़ों और व्हिस्की बनाने की मुख्य सामग्री के साथ रखा जाएगा, ताकि यह अंतरिक्ष में भी लकड़ी के बैरल जैसा माहौल बना सके। योजना के मुताबिक, वर्ष 2028 में SpaceX के सप्लाई मिशन के जरिए इसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) भेजा जाएगा। इसके बाद ISS के जापानी मॉड्यूल से इसे 5 साल के मिशन के लिए पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में छोड़ दिया जाएगा।

हर 90 मिनट में चक्कर और तापमान का बदलाव

अंतरिक्ष में यह सैटेलाइट हर 90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर लगाएगा। इस दौरान यह कड़ाके की ठंड और अत्यधिक गर्मी के बार-बार होने वाले बदलावों से गुजरेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान के इस तीव्र उतार-चढ़ाव और स्पेस के माहौल से व्हिस्की के मैच्योर होने की प्राकृतिक प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है। प्रोजेक्ट को लीड कर रहे प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. गाइल्स बैलेट का मानना है कि इस अंतरिक्ष यात्रा के कारण व्हिस्की का स्वाद बेहद बोल्ड, गहरा और शानदार होगा।

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भविष्य में आएगी स्पेस व्हिस्की

5 साल के इस मिशन के दौरान क्यूबसैट सैटेलाइट से व्हिस्की के रंग, केमिकल स्ट्रक्चर और मैचुरेशन से जुड़ा डेटा लगातार ज़मीन पर मौजूद वैज्ञानिकों को मिलता रहेगा। हालांकि, इस शुरुआती क्यूबसैट को 5 साल बाद धरती पर वापस नहीं लाया जाएगा, बल्कि इससे प्राप्त डेटा का उपयोग भविष्य में बड़े पैमाने पर स्पेस-एज्ड व्हिस्की के उत्पादन के लिए किया जाएगा। डॉ. बैलेट का सपना एक ऐसा सिस्टम तैयार करना है, जिससे शराब को अंतरिक्ष में भेजकर मैच्योर किया जा सके और बाद में उसे बिक्री के लिए वापस पृथ्वी पर लाया जा सके।

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