Jaunpur Loot Case: भगोड़े थानेदार ने अधिकारियों को दी पोल खोलने की धमकी, व्हाट्सएप स्टेटस हुआ वायरल
Jaunpur Loot Case: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दो कारोबारियों को अगवा कर लूटने के मामले में फरार चल रहे सुरेरी थाने के थानेदार दिव्य प्रकाश सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले दो सिपाहियों समेत तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वारदात में सहयोग करने वाले थानेदार के दो सगे भाई विकास सिंह और संकीत सिंह ने अदालत में सरेंडर कर दिया है। थानेदार और सिपाहियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
व्हाट्सएप स्टेटस बदलकर दे रहा धमकी
फरार थानेदार अपने पर्सनल फोन के व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए लगातार धमकी दे रहा है। उसने स्टेटस में लिखा है कि जल्द वापसी करूंगा और सभी की पोल खुलेगी। वह लगातार अपना स्टेटस बदल रहा है और ऐसी बातें लिख रहा है जिन्हें अधिकारियों द्वारा धमकी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस फरार थानेदार की तलाश में जुटी हुई है।
15 सितंबर को कारोबारी का हुआ था अपहरण
जौनपुर के जलालपुर थाना इलाके में 15 सितंबर को कारोबारी विजय राजभर को अगवा कर लूटपाट की गई थी। दो लोग उसे पुलिस की धमकी देकर अपने साथ ले गए। एक गाड़ी में पहले से मौजूद चार लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उसे सुरेरी थाना ले जाकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर रुपये मांगे गए। उसका मोबाइल छीनकर यूपीआई के जरिए कई खातों से दो लाख से ज्यादा रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।
दूसरे कारोबारी ने भी की शिकायत
पीड़ित ने 17 सितंबर को अधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई। जांच के दौरान एक अन्य कारोबारी सुशील कुमार पांडेय भी सामने आया, जिसके साथ भी इसी तरह की घटना हुई थी। उसे भी सुरेरी थाने में ले जाकर लूटा गया था। एक ही तरह की दो घटनाओं और थाने लाकर लूट की खबर से खलबली मच गई। मामला डीआईजी तक पहुंच गया।
पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन
वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह की टीम मामले के खुलासे में लगी। सुरेरी थाने में पुलिसकर्मियों की परेड हुई तो लूट को अंजाम देने वाले सिपाहियों की पहचान हो गई। पता चला कि थानेदार ही लूट सिपाहियों और अपने सगे भाइयों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहा था। कारोबारी को बुलाकर ले जाने वाले कोई और नहीं थानेदार के भाई संकीत सिंह और विकास सिंह थे।
थानेदार के भाई ने अदालत में किया सरेंडर
एसआईटी ने रिपोर्ट दर्ज कर धरपकड़ शुरू की तो थानेदार फरार हो गया। वारदात में सहयोग करने वाले उसके दोनों भाइयों ने अदालत में सरेंडर कर दिया है। पुलिस अब फरार थानेदार की तलाश कर रही है। कारोबारियों ने अधिकारियों को बताया कि चार पहिया वाहन से अपहरण करने और सुरेरी थाने में ले जाकर धमकाने के साथ ही असलहा के साथ फोटो और वीडियो बनाया गया। सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए थे। सुशील पांडेय ने बताया कि पहले पांच लाख की मांग की गई। फिर एक लाख पांच हजार रुपये नगद और साठ हजार दो सौ 99 रुपये ऑनलाइन वंशनारायण गिरी के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए।
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स्टेटस में लिखी ये बातें
फरार थानेदार ने एक स्टेटस में लिखा है कि आज आपने इज्जत ली हो, मैं जल्द ही वापसी करूंगा, अपने तरीके से सभी की पोल खुलेंगी। आपको जो कराना था करा दिए। सम्मान के साथ जिया हूं, सम्मान के साथ जिएंगे। जिसने भी ऐसा किया है, वो बस अपना सोचे, सभी कहानी और खुलासे के साथ जल्द ही सामने आएंगे। एक अन्य स्टेटस में उसने मरने की धमकी भी दी है। लिखा कि इसकी कीमत मेरी जान है, जो मुझे अब दिल से अनुभव हो गया है। जल्द वीडियो बनाने के साथ मर जाऊंगा, लेकिन आज मुझे जो बताया जा रहा है वो आप भी हैं। यह भी लिखा कि जिस स्थान पर मैं जाऊंगा, वहां पर आप भी रहेंगे। सीबीआई जांच के साथ सभी सबूत मेरे पास हैं। इन स्टेटस से माना जा रहा है कि वह अपने ही अधिकारियों को धमका रहा है।
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