दिशा सालियान मौत मामले में CBI दर्ज करेगी FIR, पिता की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश
Newschuski Digital Desk: दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करीब छह साल पुराने इस हाई-प्रोफाइल मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में नई एफआईआर दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बेटी की मौत की निष्पक्ष और नए सिरे से जांच कराने की गुहार लगाई थी। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की थी कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच सीबीआई को सौंपी जाए। सतीश सालियान का आरोप था कि दिशा की मौत कोई सामान्य घटना या महज़ एक हादसा नहीं थी। उनका यह भी कहना था कि शुरुआती जांच में कई अहम सवालों को नजरअंदाज किया गया और कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश की गई।
मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट नीलेश ओझा ने मीडिया को बताया कि हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद अब सीबीआई इस मामले में आधिकारिक एफआईआर दर्ज कर जांच की कमान संभालेगी। इसके लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने दिशा के पिता का बयान दर्ज करने और मुंबई पुलिस की पिछली जांच से जुड़े सभी रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए हैं। ओझा ने कहा कि कोर्ट ने साफ किया है कि सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई हो और किसी बेगुनाह को आरोपी न बनाया जाए।
6 साल से फैसले का इंतजार कर रहे थे पिता
सीबीआई जांच का आदेश आने के बाद दिशा के पिता सतीश सालियान ने भावुक होते हुए कोर्ट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अपनी बेटी को खो चुके हैं और पिछले 6 सालों से इस न्याय का इंतजार कर रहे थे। उन्हें पूरा भरोसा है कि सीबीआई अब इस मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच करेगी और सच सामने लाएगी।
8 जून 2020 की घटना और सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ाव
गौरतलब है कि 28 वर्षीय सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत की ऊंची मंजिल से गिरने के कारण हुई थी। दिशा कुछ समय तक अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर भी रही थीं। दिशा की मौत के महज 6 दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी अपने मुंबई स्थित घर में मृत पाए गए थे। दोनों मौतों के बीच कम समय के अंतर की वजह से इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
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मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच और क्लोजर पर उठे सवाल
दिशा की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने शुरुआत में इसे एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के तहत दर्ज किया था और बाद में अपनी जांच में इसे आत्महत्या करार दिया था। पुलिस और गठित एसआईटी (SIT) का दावा था कि जांच में किसी आपराधिक साजिश या यौन हमले के सबूत नहीं मिले। हालांकि, परिवार पुलिस की इस जांच से कभी संतुष्ट नहीं रहा और लगातार उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा, जिस पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है।
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