शाहजहां बानो बनीं प्रतीक्षा, पवन संग वैदिक रीति-रिवाज से लिए सात फेरे
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्थित प्रसिद्ध अगस्त्य मुनि आश्रम में एक अनोखा और चर्चा में रहने वाला विवाह संपन्न हुआ। जौनपुर की रहने वाली शाहजहां बानो ने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर अपना नया नाम प्रतीक्षा रखा। इसके बाद उन्होंने प्रतापगढ़ निवासी अपने प्रेमी पवन के साथ आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, सिंदूरदान और मंगलसूत्र की रस्म निभाते हुए सात फेरे लिए और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया। इस अंतरधार्मिक विवाह की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
बरेली में पवन यादव की अर्धांगिनी बनी शाहजहाँ बानो,
गोमूत्र और गंगाजल पी कर अपनाया सत्य सनातन धर्म,
अगत्स्य मुनि आश्रम में हुई घर वापसी और शुद्धिकरण,
UP के रुहेलखंड क्षेत्र में मजबूत हुआ M+Y समीकरण..🙏⛳
पता नहीं क्यों यादव जी के साले चुस-लिंग सब रसगुल्लाह रसगुल्लाह क्यों लिख रहे… pic.twitter.com/cjVZ84oGvD— Indian🇮🇳 (@singh31919) August 2, 2026
स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी दोस्ती
दोनों की लव स्टोरी काफी दिलचस्प और लंबी रही है। जौनपुर जिले के भीलमपुर निवासी शाहजहां बानो (अब प्रतीक्षा) और प्रतापगढ़ के भोजेमऊ गांव निवासी पवन की पहली मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी। एक ही कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी होती गई और प्यार में बदल गई। लगभग 10 वर्षों तक एक-दूसरे के संपर्क में रहने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। हालांकि, जब दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दी, तो उन्होंने बालिग होने के नाते साथ रहने का निर्णय लिया।
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अगस्त्य मुनि आश्रम में कराया गया 251वां विवाह
विवाह की कानूनी और धार्मिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए दोनों प्रेमी जोड़े बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। आश्रम के प्रमुख पंडित केके शंखधार ने दोनों के शैक्षणिक और आयु संबंधी प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच की, जिसमें दोनों बालिग पाए गए। आश्रम प्रमुख ने बताया कि यह उनके आश्रम में कराया गया 251वां विवाह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आश्रम में केवल बालिग और बिना किसी दबाव के अपनी स्वतंत्र इच्छा से शादी करने वाले जोड़ों का ही विवाह दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कराया जाता है।
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