श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्यों की टीम संभालती है पूरा प्रबंधन, जानें किसकी कितनी है सैलरी
Ram Mandir Trust Structure: अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण से लेकर उसकी सुरक्षा, व्यवस्था और दैनिक संचालन की पूरी जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कंधों पर है। अक्सर चंदे और चढ़ावे को लेकर चर्चा में रहने वाले इस ट्रस्ट की कार्यप्रणाली बेहद सुगठित और कॉर्पोरेट-धार्मिक मॉडल पर आधारित है। आइए जानते हैं इस शक्तिशाली ट्रस्ट के अंदर का पूरा स्ट्रक्चर और इसके मुख्य चेहरों की भूमिका।
ट्रस्ट का ढांचा (Structure): ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य शामिल हैं। इनमें से 11 सदस्य (जिनमें विश्व हिंदू परिषद के नेता, प्रख्यात धर्माचार्य और लीगल एडवाइजर शामिल हैं) कोर कमेटी का हिस्सा हैं और इनके पास नीतिगत फैसलों में वोटिंग का अधिकार है। बाकी 4 सदस्य सरकारी अधिकारी हैं, जो कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय का काम देखते हैं, लेकिन उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होता।
ट्रस्ट के 4 मुख्य कर्ता-धर्ता
1. महंत नृत्य गोपाल दास (अध्यक्ष)– राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख और अयोध्या के सबसे बड़े मंदिर मणिराम दास जी की छावनी के पीठाधीश्वर हैं। वे सभी नीतिगत और धार्मिक फैसले लेते हैं।
2. चंपत राय (महासचिव)– राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे सीईओ की तरह प्रशासनिक और कानूनी कामकाज देखते हैं।
3. स्वामी गोविंददेव गिरी (कोषाध्यक्ष)– पुणे स्थित महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान के प्रमुख और हिंदू धर्मग्रंथों के विद्वान हैं। वे मंदिर के बैंक खाते, चढ़ावे और खर्चों का पूरा हिसाब-किताब रखते हैं।
4. नृपेंद्र मिश्रा (चेयरमैन, निर्माण समिति)– पीएमओ के पूर्व प्रधान सचिव और 1967 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी निगरानी में ही मंदिर का आर्किटेक्चर और निर्माण कार्य हुआ है।
"मनवानी जी, आपकी 200 किलो चांदी की ईंटें.. अनीता जी, आपका चांदी का काकभुसुंडी (कौआ) अयोध्या में सुरक्षित है.."
राम मंदिर निर्माण के दौरान देश-विदेश के लोगों ने दिल खोलकर रुपया, जेवर और बहुमूल्य वस्तुएं दान में दी थीं.. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने इन सामानों… pic.twitter.com/yw6V49BMb4— Vivek K. Tripathi (@meevkt) June 25, 2026
अन्य प्रमुख सदस्य
ट्रस्ट में के. पारासरन (वरिष्ठ अधिवक्ता, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रामलला की ओर से पैरवी की) भी सदस्य हैं। इसके अलावा अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल (दलित प्रतिनिधि), और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा (अयोध्या से) जैसे सदस्य शामिल हैं। सरकारी नामित सदस्यों में ज्ञानेश कुमार (गृह मंत्रालय, अतिरिक्त सचिव), अवनीश अवस्थी (उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव) और जिलाधिकारी अयोध्या बिना वोटिंग अधिकार के शामिल हैं।
राम मंदिर के पुजारियों और स्टाफ की सैलरी
ट्रस्ट की ओर से मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों और पुजारियों को नियमित वेतन दिया जाता है।
मुख्य पुजारी का वेतन: 38,500 रुपये प्रति माह
सहायक पुजारियों का वेतन: 33,000 से 36,000 रुपये (वर्तमान में चार पुराने पुजारियों को भी लगभग 36,950 रुपये दिए जा रहे हैं)
अन्य कर्मचारी: कोठारी और भंडारी को 19,000 से 24,000 रुपये के बीच वेतन मिलता है
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इसके अलावा पुजारियों को रहने-खाने, मेडिकल लीव और वीकली ऑफ जैसी सुविधाएं भी ट्रस्ट की तरफ से दी जाती हैं। वर्तमान में मंदिर में लगभग 1,500 लोग कार्यरत हैं।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
ट्रस्ट ने पिछले पाँच वर्षों में लगभग 400 करोड़ रुपये का कर (जीएसटी सहित) सरकार को चुकाया है। इन वित्तीय रिकॉर्ड्स की नियमित ऑडिट CAG (भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक) के अधिकारियों द्वारा की जाती है। हाल ही में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव की चर्चा है। नृपेंद्र मिश्रा ने भी ट्रस्ट सदस्यों की जिम्मेदारियों को औपचारिक रूप से लिखित रूप में निर्धारित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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