अखिलेश यादव बोले- यूपी में सपा की सरकार बनते ही गिर जाएगी दिल्ली की सत्ता, पुलिस एनकाउंटर पर उठाए सवाल

Akhilesh Yadav Statement

Lucknow News: सपा अखिलेश यादव ने एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए हड़कंप मचा दिया है। अखिलेश यादव ने मंगलवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जिस दिन उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार की वापसी होगी, उसी दिन केंद्र की भाजपा सरकार भी ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। सपा प्रमुख ने न केवल सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी की, बल्कि फेक एनकाउंटर और फेक अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा।

फेक एनकाउंटर के बहाने PDA को डराने का आरोप

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में हो रही मुठभेड़ की घटनाएं देश के संविधान और स्वस्थ सामाजिक सोच के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एनकाउंटर के नाम पर PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग को मानसिक रूप से डराकर उनका हक छीनना चाहती है। उनके मुताबिक, सरकार अपराधियों की जाति और धर्म देखकर मुठभेड़ तय करती है, जिससे प्रदेश का सामाजिक भाईचारा खतरे में पड़ गया है।

फेक इकोनॉमी और महंगाई पर साधा निशाना

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर घेराबंदी करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार जिस तरह फेक एनकाउंटर कर रही है, उसी तरह फेक अर्थव्यवस्था का भी झूठा प्रचार कर रही है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि डॉलर जितना ऊपर जाएगा, चाय उतनी महंगी होती जाएगी, जिसका सीधा प्रहार आम जनता की जेब पर हो रहा है। उन्होंने तंज कसा कि फर्जी मुठभेड़ों के माध्यम से जनता के ‘मेंटल सॉफ्टवेयर’ को अपग्रेड करने के बजाय आउटडेटेड और डाउनग्रेड बनाया जा रहा है।

भाजपा पर गंभीर आरोप, अपनों को ही डसती है सरकार

सपा प्रमुख ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की नीतियां अंततः उसके अपने समर्थकों के लिए ही घातक साबित होती हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी मुठभेड़ों से सरकार अपने समर्थकों को खुश तो करती है, लेकिन साथ ही उन्हें मानसिक रूप से हिंसक भी बना रही है। अखिलेश ने कहा, भाजपा अपनों को ही डसती है, क्योंकि वह लोगों में नफरत का जहर घोलकर सिर्फ सत्ता बचाए रखना चाहती है।

इसे भी पढ़ें: इन कॉकरोचों को उड़ने दीजिए, असमर्थन का शिकार होकर खुद बेमौत मरेंगे

पुलिस और आपराधिक तंत्र पर बड़ा खुलासा

अखिलेश यादव ने दावा किया कि फर्जी मुठभेड़ों ने राज्य में एक सरकारी आपराधिक तंत्र खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, फर्जी मुठभेड़ों को सही साबित करने के लिए भ्रष्ट वकीलों द्वारा मनगढ़ंत कहानियां तैयार की जाती हैं। यही लोग बाद में अधिकारियों और सरकार को ब्लैकमेल करने लगते हैं। मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मी खुद भी सामाजिक और वैधानिक रूप से मारे जाते हैं, क्योंकि कानूनी कार्रवाई के वक्त भाजपा सरकार उनसे मुंह मोड़ लेती है। ऐसे पुलिसकर्मियों के परिवारों को अंततः सामाजिक अपमान झेलना पड़ता है।

उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि मुठभेड़ के नाम पर की जा रही हत्याएं आदिम जमाने की उसी रूढ़िवादी सोच को वापस ला रही हैं जहाँ ‘शक्ति ही अधिकार’ माना जाता था, जो लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक गहरा षड्यंत्र है।

इसे भी पढ़ें: धीरेंद्र शास्त्री की 21 दिवसीय तपस्या पूर्ण, 15 हजार फीट की ऊंचाई पर की 13 घंटे की दुर्गम परिक्रमा

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NEWS CHUSKI के Facebook पेज को LikeTwitterInstagram पर Follow करना न भूलें...