Humorous Poetry on Youth

कटहल-जैसा रूप सलोना,
परवल-जैसी आंखें।
नींबू-जैसी सुघड़ नाक है,
लौकी-जैसी बाहें।

कान दिव्य हैं घुंइयां-जैसे,
कद्दू-जैसा माथा।
जुल्फें बथुआ-सी लहराएं,
रचें रूप-परिभाषा।

होंठ मटर की फलियों वाले,
गाजर-जैसी गरदन।
कमर लचीली सरसों-जैसी,
करती है ज्यों नर्तन।

गाल टमाटर-जैसे प्यारे,
भरा विटामिन चारों ओर।
हेल्थ मिनिस्टर-जैसी ताकत,
जिसका कोई ओर न छोर।

सब्जी मंडी सजी जिस्म में,
छलक रहा है यौवन।
‘श्याम’ समा जाओ बाहों में,
धन्य करें हम जीवन।

– श्याम कुमार

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