पंजाब में गिर सकती भगवंत मान की सरकार, 28 विधायकों के छोड़ने का दावा
Newschuski Digital Desk: अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी (आप) के कई बड़े नेताओं को दो साल पहले जेल जाना पड़ा था, और तब से लगता है पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। एक दिन पहले आप को अब तक का सबसे करारा झटका लगा, जब पार्टी के 7 सांसदों ने एक साथ इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इस फैसले ने पंजाब की सियासत को पूरी तरह से गर्म कर दिया है। अब तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं – यहां तक कि यह भी कहा जा रहा है कि पंजाब में मौजूदा आप सरकार गिर सकती है।
28 विधायक भी छोड़ सकते हैं आप
हरियाणा में आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि राज्यसभा के कुछ सांसदों के भाजपा में जाने के बाद अब पंजाब में भी पार्टी के अंदर असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। जयहिंद ने यहां तक कह दिया है कि करीब 28 विधायक भी पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। अगर ऐसा होता है, तो पंजाब की मौजूदा सरकार सीधे संकट में आ जाएगी। बहुमत का गणित बिगड़ने से सरकार के गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नवीन जयहिंद ने लगाए गंभीर आरोप
जयहिंद ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि जो नेता अब पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, उनके साथ पहले पार्टी के भीतर उचित व्यवहार नहीं किया गया। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में दबाव बनाने और दुर्व्यवहार जैसी स्थितियाँ भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर आंतरिक खींचतान और गुटबाजी काफी समय से चल रही है, जो अब खुलकर सामने आ रही है। इस असंतोष का माहौल पूरी पार्टी को भीतर ही भीतर कमजोर कर रहा है।
सिसोदिया सीधे केजरीवाल से मिलने पहुंचे
पंजाब में बिगड़ते हालातों के बाद दिल्ली में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया गुजरात से लौटते ही सीधे अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे। इसके तुरंत बाद पंजाब सरकार के मंत्री डॉ. बलवीर सिंह भी उनसे मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे। इन मुलाकातों के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व पंजाब के बढ़ते संकट को लेकर बेहद गंभीर है और तुरंत हरसंभर रणनीति बनाने में जुटा है। संगठन ने भाजपा पर ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए पंजाब में सरकार गिराने का आरोप लगाया है।
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सिर्फ तीन सांसद गए, बाकी नामों को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम
वहीं, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी जल्द ही राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर दलबदल कानून के तहत कुछ सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेगी। इस सिलसिले में संजय सिंह उपराष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंप सकते हैं। चीमा ने यह भी साफ किया कि भाजपा में जाने वाले सांसदों की संख्या उतनी नहीं है जितनी बताई जा रही है। उनके अनुसार, केवल तीन सांसद ही पार्टी छोड़कर गए हैं, बाकी के नामों को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। हालांकि, उनके इस बयान से आम सहमति नहीं बनती क्योंकि पार्टी के विपक्षी दल और कई मीडिया रिपोर्ट्स 7 सांसदों के जाने की बात कर रहे हैं।
फिलहाल, आप के लिए यह सबसे बड़ा संकट का समय है। 7 सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने के बाद अब 28 विधायकों के जाने की आशंका ने पंजाब सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां आप नेता दलबदल कानून का सहारा लेने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा और अन्य विपक्षी दल पंजाब की सत्ता पर नजर गड़ाए बैठे हैं। आने वाले कुछ दिनों में यह तय हो जाएगा कि पंजाब में आप सरकार बचती है या एक बार फिर राज्य में सियासी भूचाल आता है।
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