UP Cabinet Decisions: जमीन रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर शिकंजा, 12 हजार गांवों को मिलेगी बस सेवा
UP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और सुशासन से जुड़े 30 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। सरकार ने जमीनों की रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, वहीं ग्रामीण परिवहन और सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
रजिस्ट्री से पहले अनिवार्य होगा सत्यापन
स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि योगी सरकार ने जमीनों की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिना राजस्व रिकॉर्ड की जांच किए कोई भी रजिस्ट्री संभव नहीं होगी। इससे न केवल आम आदमी का पैसा सुरक्षित रहेगा, बल्कि भू-माफियाओं के सिंडिकेट पर भी सीधी चोट होगी।
12,200 गांवों को मिलेगी सीधी बस सेवा
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ को हरी झंडी दे दी गई है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के 12,200 दूर-दराज के गांवों तक सीधी बस सेवा पहुंचाई जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्रों, किसानों और मरीजों को शहरों तक आने-जाने में भारी सुविधा होगी।
परिवहन विभाग जल्द ही इन रूटों पर छोटी और मझोली (28 सीटर) बसों का संचालन शुरू करेगा। रात में सभी बसें गांवों में पहुंच जाएंगी और वहीं रुकेंगी। सुबह दस बजे से पहले ये चलकर जिला मुख्यालयों के लिए रवाना होंगी। शाम चार से रात आठ बजे के बीच यह बसें दोबारा गांवों में लौट जाएंगी। इन बसों से टैक्स नहीं लिया जाएगा और न ही परमिट की जरूरत होगी। किराए का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी तय करेगी।

ओला-उबर को अब रजिस्ट्रेशन कराना होगा
ओला-उबर जैसी गाड़ियों पर नियंत्रण के लिए इन्हें भी अब परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसका आवेदन शुल्क 25,000 रुपये रखा गया है। अगर कोई कंपनी आवेदन करती है तो उसे 5 लाख रुपये देने होंगे। रिनीवल के लिए पांच हजार रुपये देने होंगे, जो हर पांच साल में कराना होगा।
कर्मचारियों के लिए सख्त हुई आचरण नियमावली
सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियमावली को और सख्त बनाया गया है। अब यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की किसी भी चल संपत्ति (जैसे वाहन, सोना) का लेनदेन करता है, तो उसे इसकी अनिवार्य सूचना अपने सक्षम प्राधिकारी को देनी होगी। इसके अलावा छह माह के मूल वेतन से ज्यादा शेयर मार्केट में लगाने पर भी घोषणा करनी होगी।
19 हजार डिफॉल्टरों को राहत
घर खरीदारों को राहत देते हुए आवास विभाग ने विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के डिफॉल्टरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के करीब 19 हजार डिफॉल्टरों को मिलेगा, जो ब्याज और जुर्माने के कारण अपने बकाये का भुगतान नहीं कर पा रहे थे।
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अन्य प्रमुख फैसले
पीएम आवास योजना 2.0: किफायती आवास और किफायती किराया आवास के लिए नई नीति को मंजूरी।
नये शहरों का विकास: बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ में विकास के लिए धन स्वीकृत।
अयोध्या में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स: वशिष्ठ कुण्ड में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स बनाने के लिए जमीन हस्तांतरित।
मेरठ में लॉजिस्टिक्स क्लस्टर: एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैनुफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर की स्थापना को मंजूरी।
कानपुर ट्रांसगंगा सिटी: गंगा नदी पर 4 लेन का पुल और पहुंच मार्ग निर्माण को हरी झंडी।
शिक्षकों को कैशलेस इलाज: उच्च शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय।
बांदा में डेयरी प्लांट: बुंदेलखंड पैकेज के तहत 20 हजार लीटर क्षमता के नए प्लांट और झांसी में प्लांट के विस्तार को मंजूरी।
खनन की ई-नीलामी: मुख्य खनिजों की ई-नीलामी के लिए एमएसटीसी और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स नामित।
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