मदिरा की महिमा
वाह! रे मदिरा तेरी तो, है महीमा अपरम्पार! तुम्हीं चलाते अर्थव्यवस्था, तुमसे है सरकार!! श्रम,...
वाह! रे मदिरा तेरी तो, है महीमा अपरम्पार! तुम्हीं चलाते अर्थव्यवस्था, तुमसे है सरकार!! श्रम,...
हर दर्द को जो दिल में छुपाता चला गया। हर मुसकिलों में चुटकियाँ, बजाता चला...
चांद से जा मोहब्बत करी चांदनी। रात काली अमावस अकेले रही।। याद में उसके मैं...
हे राम ये हमने मान लिया, ग़लती हम सब ने की है। सुख वैभव के...
जग में ज़िन्दा रहे के बाटे, बात बस एतना जानो! गर्लफ़्रेंड के किस जनी करिहो,...
मन में उमंग अति हर्ष लिये। आया बसंत नव वर्ष लिये।। हरी भरी प्राकृति गोंद।...
चाह थी की मैं तुम्हारे। नैन का अंजन बनूँ।। लालिमा अधरों की तेरे। मांग मध्य...
जिंदगी के हर मुकाम में है वो जीती। कभी नहीं वो हारी है।। कभी दुर्गा,...
मधुर मिलन की प्रथम रात। जब मयखाने में आई थी।। नई नवेली मधु प्रेमी बन।...
परदेश गये मोहे छोड़ पिया। सेजीया सूनी मन खिन्न किये।। काटे ना कटे विरहन रतियाँ।...