Poem: हम भारत के हैं सपूत
हम भारत के हैं सपूत, भारत हृदय हमारा है। सुख-दुःख हैं साथ इसी के, इसने...
हम भारत के हैं सपूत, भारत हृदय हमारा है। सुख-दुःख हैं साथ इसी के, इसने...
याद सदा ही वे आते हैं, हंसते हुए कर्म के साथ। स्मृति में संगठन तंत्र...
बरसे सावन झूम-झूम के, पुरुआ के संग कजरी गाये। प्रेयसी के अंतर्मन में, प्रेम मिलन...
पता नही क्यूं! आजकल, तुम्हारी याद आ रही है। ना चहते हुए भी, तेरी याद,...
रिमझिम रिमझिम बरस रही, बारिश की बूँदे प्यारी। हरे भरे हैं वृक्ष सभी, मुस्कातीं बगिया...
लखनऊ: भारतीय समाज-शास्त्र एक ओर सैद्धान्तिक तौर पर नारी को आदर और सम्मान का पात्र...
हर तरफ दर्द का समन्दर है। ऐ खुदा कौन सा ये मंजर है। मुल्क में...
नहीं पता कब हो जायेगी, इस जीवन की शाम। मानवता के पथ पर चलकर, आओ...
वक्त यह जैसा कहेगा अब तुम्हें ढलना पड़ेगा आंधियों में ओ मुसाफिर अनवरत चलना पड़ेगा...
जब तक चलेंगी ज़िन्दगी की सांसें कहीं प्यार कहीं, टकराव मिलेगा। कहीं बनेंगे संबंध अंतर्मन...