बांग्लादेश में विपक्षी पार्टी को वोट देने पर तीन बच्चों की मां के साथ गैंगरेप, पति के समाने की दरिंदगी
Newschuski Digital Desk: बांग्लादेश के नोआखाली (हातिया) में प्रतिशोध की राजनीति का सबसे वीभत्स चेहरा सामने आया है। यहाँ एक 32 वर्षीय महिला के साथ सिर्फ इसलिए सामूहिक दुष्कर्म किया गया क्योंकि उसने चुनाव में विपक्षी दल नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) को अपना वोट दिया था।
यह घटना शुक्रवार, 13 फरवरी की रात करीब 11 बजे की है। पीड़ित महिला के अनुसार, हमलावर जबरन उनके घर में घुसे और उनके पति को रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद दरिंदों ने पति के सामने ही महिला के साथ गैंगरेप किया। शनिवार को पीड़िता को गंभीर हालत में नोआखाली जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दुष्कर्म की पुष्टि की है।
I am truly lost for words. In Hatiya, Noakhali, a 32-year-old mother of three has alleged that she was raped after casting her vote for the National Citizen Party.
According to the complaint, several individuals entered her home at the Dhanshidi Ashrayan Project in Ward No. 9 of…
— Dr. Shafiqur Rahman (@Drsr_Official) February 14, 2026
इस जघन्य अपराध पर कड़ा रुख अपनाते हुए जमात-ए-इस्लामी के चेयरमैन शफीकुर रहमान ने घटना की तीखी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे इस घटना के बारे में सुनकर निःशब्द हैं।
रहमान ने साफ शब्दों में कहा, यह राजनीति नहीं, बल्कि कानूनहीनता है जिसे तुरंत रोकना होगा। देश के हर नागरिक को बिना किसी डर के वोट देने का अधिकार है और किसी को भी इस अधिकार के बदले सजा देने का हक नहीं है।
इसे भी पढ़ें: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी नहीं, ओम बिरला जाएंगे बांग्लादेश
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
शफीकुर रहमान ने पीड़ित परिवार से सीधे फोन पर बात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व को भी कड़ा संदेश दिया है कि उनके कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही ऐसी अराजकता पर लगाम लगाई जाए। उन्होंने मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के दरिंदों को सख्त से सख्त सजा मिले।
इस घटना ने बांग्लादेश में आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वतंत्र मतदान के अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस बदले की राजनीति के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि कानून का शासन स्थापित किया जाए ताकि किसी और बेटी या मां को ऐसी प्रताड़ना न सहनी पड़े।
इसे भी पढ़ें: रिलेशनशिप कोच सीमा आनंद ने पुरुषों को दिए ये 5 गोल्डन रूल्स
