महिला कांस्टेबल ने SHO समेत चार सहकर्मियों पर लगाए सामूहिक दुष्कर्म के आरोप
चूरू: राजस्थान के चूरू जिले में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के भीतर ही गहरा झटका दिया है। एक महिला कांस्टेबल ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि साल 2017 से लेकर 2025 तक उसे थाने के साथी कर्मियों द्वारा निरंतर यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया गया।
थाने की ड्यूटी बनी दर्दनाक ड्यूटी
पीड़िता के शब्दों में, इस यातना की शुरुआत साल 2017 में एक रात हुई। आरोप है कि एक सहकर्मी कांस्टेबल ने रात करीब साढ़े तीन बजे ड्यूटी के नाम पर उसे बुलाया। जैसे ही वह पहुंची, तत्कालीन थानाधिकारी (SHO) समेत चार पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन एक होटल ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाया और फिर सामूहिक बलात्कार किया। इसके बाद शुरू हुआ लगभग आठ साल का लंबा दौर, जब धमकियों और डर के साये में उसका शारीरिक और मानसिक शोषण नियमित रूप से होता रहा।
एसपी के सामने रखी पूरी कहानी, दर्ज हुआ मामला
मामला तब खुला जब हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने सीधे जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) जय यादव से मुलाकात की और अपनी पूरी दास्तां सुनाई। एसपी ने तत्काल मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर पाए जाने पर बुधवार को तीन आरोपियों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार, धमकी और अमानवीय व्यवहार के मुकदमे दर्ज किए गए। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
जांच में देखे जा रहे सभी पहलू
हालांकि, मामले में एक और पहलू भी सामने आया है। जांच में पता चला कि आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल पिछले दो माह से निलंबित थी और उस पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप थे। पुलिस के अनुसार, चूंकि शिकायत आठ साल पुरानी है और शिकायतकर्ता का रिकॉर्ड भी विवादास्पद रहा है, इसलिए सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह मामला किसी आपसी रंजिश या फंसाने की साजिश तो नहीं।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच जारी है। सभी तथ्यों, सबूतों और गवाहों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।
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