धर्मांतरण का आरोपी डॉ. रमीज के तार हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले रजा से जुड़े
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों में घिरे डॉ. रमीज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जांच एजेंसियों को उसके कथित संबंध हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद रजा से भी मिले हैं। इस कनेक्शन के सामने आने के बाद यूपी एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब दोनों आरोपियों से जेल में पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
रजा की गतिविधियों से प्रभावित था डॉ. रमीज
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, डॉ. रमीज कथित तौर पर रजा की देशविरोधी गतिविधियों से प्रभावित था। रमीज की ट्रैवल हिस्ट्री में केरल आने-जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसी आधार पर एजेंसियां दोनों के बीच संपर्क और मुलाकातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। गौरतलब है कि रजा को सितंबर 2025 में केरल से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
कई राज्यों में फैला था रजा का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मोहम्मद रजा ने मुंबई, केरल, अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार कर रखा था। उस पर अलग-अलग देशविरोधी संगठनों से संपर्क रखने और प्रतिबंधित संगठन पीएफआई का समर्थन करने के आरोप हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित नेटवर्क के संचालन के लिए अलग-अलग राज्यों से किस तरह फंड जुटाया जाता था।
एसटीएफ और अन्य एजेंसियां अब दोनों से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, रमीज के पिता के बैंक खातों से लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी भी जांच के दायरे में आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन पैसों का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।
सर्विलांस के जरिए रमीज के करीबियों पर नजर
एसटीएफ ने रमीज से जुड़े लोगों की सूची तैयार की है। जांच एजेंसियां सर्विलांस के जरिए संदिग्ध संपर्कों और गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता दोनों आरोपियों के बीच संपर्क, नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को स्पष्ट करना है। इसके लिए दोनों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने की तैयारी है।
फतेहपुर का रहने वाला है रजा, छह साल पहले पहुंचा था मुंबई
मोहम्मद रजा मूल रूप से फतेहपुर जिले के राधानगर क्षेत्र स्थित अंदौली गांव का निवासी बताया जाता है। जानकारी के मुताबिक, करीब छह साल पहले वह गांव छोड़कर मुंबई चला गया था। वहां उसने मलप्पुरम की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम किया। इसके बाद वह केरल पहुंचा।
हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की कथित साजिश के मामले में केरल एटीएस ने 29 सितंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में बंद है।
KGMU में तकरीर के दौरान होती थी रजा की चर्चा
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि KGMU में आयोजित तकरीरों के दौरान रजा का नाम भी चर्चा में आता था। आरोप है कि रमीज और उसके संपर्क में रहने वाले कुछ मेडिकल छात्रों तथा मौलानाओं का रजा की गतिविधियों के प्रति समर्थन था। धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों के अलावा, कथित तौर पर रजा के लिए फंड जुटाने की चर्चाएं भी समूह में होती थीं।
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एक जैसी विचारधारा के एंगल पर जांच
एसटीएफ की जांच में रमीज और रजा की कथित विचारधारा और उनके संपर्कों को भी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं कि क्या दोनों के नेटवर्क का इस्तेमाल अलग-अलग तरह की कथित गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
रजा पर हिंदू धर्मगुरुओं को निशाना बनाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है, जबकि रमीज और उससे जुड़े लोगों पर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर उनका शोषण करने तथा धर्मांतरण कराने के आरोपों की जांच चल रही है। एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन मामलों के पीछे कोई साझा नेटवर्क या संगठित गतिविधि तो नहीं थी।
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