सीएम योगी ने रामभक्तों को दिलाया भरोसा, बस 15 दिन और धैर्य रखें, दूध का दूध और पानी का पानी करेगी SIT

CM Yogi Adityanath Ayodhya

Ram Mandir Donation Dispute: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और आभूषण गायब होने के विवाद के 17 दिन बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या की धरती से इस मामले पर अपनी पहली और बेहद कड़क प्रतिक्रिया दी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर देश भर की नजरें मुख्यमंत्री के रुख पर टिकी थीं। अयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने रामभक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बस 15 दिन का धैर्य और रखें। सरकार ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के आग्रह पर ही एसआईटी (SIT) जांच बैठाई है। जांच पूरी होते ही पूरा सच देश के सामने होगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, वह किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अखिलेश यादव पर बरसे सीएम, याद दिलाया इतिहास

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग रामभक्तों का अपमान करते थे और माफियाओं की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते थे, वे आज हमें रामभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।

सीएम योगी ने सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ये इन लोगों का दोगलापन है। जिस कांग्रेस ने प्रभु श्री राम के अस्तित्व को नकारते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया था कि राम हुए ही नहीं, और जिस सपा ने जय श्री राम का नारा लगाने वाले मासूम कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं, लाठियां बरसाईं, वे आज बेशर्मी से कह रहे हैं कि रामभक्तों का अपमान हुआ है।

चरित्र हनन और बयानबाजी बंद करने की अपील

मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं और आम जनता से अपील की कि जब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचा जाए। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के की जा रही टिप्पणियों से केवल जांच प्रभावित होती है और पावन नगरी अयोध्या की छवि धूमिल होती है। किसी का भी बेवजह चरित्र हनन न किया जाए।

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सबूत हैं तो SIT को दें

सीएम योगी ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति या नेता के पास इस मामले से जुड़े पुख्ता या दस्तावेजी सबूत हैं, तो वे सोशल मीडिया पर राजनीति करने के बजाय उसे सीधे जांच टीम (SIT) को सौंपें। उन्होंने याद दिलाया कि हमारे पूर्वजों ने राम मंदिर को वापस पाने के लिए मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया है। जब पांच सदियों का लंबा इंतजार खत्म हो चुका है, तो जांच के निष्पक्ष नतीजों के लिए 15 दिन का इंतजार और किया जा सकता है।

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