आया बसंत
मन में उमंग अति हर्ष लिये। आया बसंत नव वर्ष लिये।। हरी भरी प्राकृति गोंद।...
मन में उमंग अति हर्ष लिये। आया बसंत नव वर्ष लिये।। हरी भरी प्राकृति गोंद।...
चाह थी की मैं तुम्हारे। नैन का अंजन बनूँ।। लालिमा अधरों की तेरे। मांग मध्य...
जिंदगी के हर मुकाम में है वो जीती। कभी नहीं वो हारी है।। कभी दुर्गा,...
मधुर मिलन की प्रथम रात। जब मयखाने में आई थी।। नई नवेली मधु प्रेमी बन।...
परदेश गये मोहे छोड़ पिया। सेजीया सूनी मन खिन्न किये।। काटे ना कटे विरहन रतियाँ।...
राह निहारत रैना बीते। नैना अश्रु बहावे।। पीया बिना सखी निंद न आवे। पल पल...
नई दिल्ली। अहिंसा की बात करने और उस पर चलने में बड़ा फर्क है। पूरी...
राष्ट्र का गर्व हैं जो लोग देश का वो सम्मान हैं। भारत मां की एक...
आजाद हुआ है देश हमारा। हमारा देश है सबसे प्यारा।। इसकी शान है सबसे ऊंची।...