अनदेखा भारत प्रोजेक्ट के तहत ब्रह्माकुमारी बहनों ने किए कूड़नताल मंदिर के दर्शन
छतरपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संचालित ‘मेरा देश मेरी शान’ – “अनदेखा भारत” प्रोजेक्ट के तहत आज छतरपुर की सभी तहसीलों से आईं ब्रह्माकुमारी बहनों ने कूड़नताल मंदिर की यात्रा की। शहर से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित इस प्राचीन मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और अनूठी मान्यताओं को देखकर सभी बहनें भावविभोर हो गईं।
माता अंजनी की गोद में हनुमानजी
मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश चतुर्वेदी और रामेश्वर प्रसाद जी ने बहनों को इस स्थान का विशेष महत्व बताया। उन्होंने जानकारी दी कि यहाँ माता अंजनी के साथ हनुमान जी लेटे हुए स्वरूप में विराजमान हैं। यह मूर्ति स्थापित नहीं की गई, बल्कि स्वयं प्राकृतिक रूप से प्रकट हुई है।

दुर्लभ दर्शन: पुजारी के अनुसार, माता अंजनी के साथ हनुमान जी के ऐसे लेटे हुए दर्शन पूरे देश में केवल प्रयागराज (इलाहाबाद) में मिलते हैं या फिर छतरपुर के इस कूड़नताल मंदिर में।
150 साल का इतिहास: यह मंदिर लगभग डेढ़ सौ साल पुराना है और स्थानीय लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है।
हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान
लवकुश नगर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके सुलेखा ने इस मौके पर कहा कि हमारे देश में ऐसे कई प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अपनी ऐतिहासिक विरासत को न केवल जानना चाहिए, बल्कि इन धार्मिक स्थलों को संरक्षित करना भी हम सबकी जिम्मेदारी है।

मंदिर परिसर में गूंजी ओम ध्वनि
दर्शन के बाद सभी ब्रह्माकुमारी बहनों ने मंदिर परिसर में बैठकर सामूहिक मेडिटेशन (राजयोग) किया। प्रकृति की शुद्धि और विश्व शांति की कामना के साथ बहनों ने ओम ध्वनि का उच्चारण किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। पुजारियों ने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाओं की सराहना की और लोगों से अपील की कि वे एक बार यहाँ आकर इन दुर्लभ दर्शनों का लाभ जरूर लें।
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इस यात्रा में घुवारा, बड़ामलहरा, बिजावर, शाहगढ़, चंदला, हरपालपुर और छतरपुर सेवा केंद्रों से बीके नीतू, बीके रूपा, बीके प्रीति, बीके दीपा, बीके भारती, बीके पूनम, बीके कल्पना और बीके रेखा सहित कई अन्य बहनें शामिल रहीं।
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